फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Chama and Seeni village in Pithoragarh district are still struggling with the lack of communication facilities

UK: मोबाइल टावर होने के बावजूद सिग्नल के लिए जूझ रहे ये गांव, कॉल करने के लिए पहाड़ी पर चढ़ना पड़ता है

Mon, 15 Dec 2025 02:29 PM IST
हीरा मेहरा संजू पंत
संजू पंत Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 15 Dec 2025 02:29 PM IST
सार

पिथौरागढ़ जिले के गांव चामा और सीणी आज भी संचार सुविधा के अभाव में जूझ रहे हैं। इन गांवों में दो साल पहले लगा बीएसएनल मोबाइल टावर सिग्नल नहीं देता, जिसके कारण ग्रामीणों को कॉल करने के लिए दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है।

 

विज्ञापन
Chama and Seeni village in Pithoragarh district are still struggling with the lack of communication facilities
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

 

विज्ञापन

पिथाैरागढ़ जिले के दुर्गम गांव चामा और सीणी आज भी संचार सुविधा के लिए जूझ रहे हैं। इलाके में मोबाइल टावर तो खड़ा है लेकिन सिग्नल इतने कमजोर हैं कि ग्रामीणों को अपनों से बात करने के लिए दो किलोमीटर तक खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है। नेटवर्क की यह बेबसी ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की मजबूरी बन चुकी है। काॅल न हो पाने के कारण ग्रामीण आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा का लाभ भी नहीं ले पाते।

 

डीडीहाट विकास खंड मुख्यालय से 28–30 किलोमीटर दूर स्थित सीणी और चामा गांवों में करीब दो वर्ष पूर्व बीएसएनएल का मोबाइल टावर स्थापित किया गया था। टावर लगने से ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि अब वे घर बैठे अपनों से संपर्क कर सकेंगे। यह उम्मीद जल्द ही टूट गई। हालात यह हैं कि कॉल करने के लिए घर से दो किलोमीटर दूर ऊंचाई की ओर जाना पड़ता है। आग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने टावर तो लगा दिया लेकिन सिग्नल देना भूल गया। 

विज्ञापन

गांव में विकास कार्य हुए ठप
मोबाइल सिग्नल न होने का असर गांव के विकास पर भी साफ दिख रहा है। चामा ग्राम सभा में मनरेगा के तहत एक भी कार्य नहीं हो पा रहा है। मजदूरों का सत्यापन फेस स्कैनिंग के जरिए होता है लेकिन नेटवर्क न होने से सत्यापन संभव नहीं हो पा रहा। नतीजतन गांव में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

इनकी भी सुनिए

सिग्नल न होने से ग्रामीणों को अपनों से बात करने में भारी परेशानी हो रही है। - फकीर सिंह चौहान, ग्रामीण चामा

चामा में लगा मोबाइल टावर अब सफेद हाथी साबित हो गया है। सिग्नल की कमी से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। - लाल सिंह चौहान, पूर्व प्रधान चामा

 

मोबाइल में सिग्नल नहीं आने से ग्रामीणों को पहाड़ पर चढ़ना पड़ रहा है। मोबाइल टावर के सिग्नल बढ़ाने की मांग कई बार ग्रामीण कर चुके हैं परंतु दूरसंचार विभाग चुप्पी साधे हुए है। -भूपाल सिंह, ग्रामीण

मोबाइल सिग्नल नहीं आने से 108 सेवा, बैकिंग सेवा आदि से ग्रामीण वंचित हो गए हैं। - चंचल सिंह, ग्रामीण

 

सीणी-चामा में लगे मोबाइल टावर की सिग्नल क्षमता बढ़ाने के लिए संचार विभाग को निर्देशित किया जाएगा। - खुशबू पांडे, एसडीएम डीडीहाट

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed