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बिना बताए दूसरी जगह लगा दिया शिविर
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Thu, 03 Aug 2017 10:33 PM IST
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स्वास्थ्य शिविर न लगने के खिलाफ झूलाघाट में प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिमाह लगने वाला निशुल्क स्वास्थ्य शिविर बिना बताए दूसरी जगह लगा दिया गया। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। गुस्साए मरीज और उनके तीमारदारों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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पिछली कांग्रेस सरकार ने हंस फाउंडेशन एवं बांबे हास्पिटल के साथ मिलकर राज्य के दूरस्थ गांवों और कस्बों में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने का प्रावधान किया था। इसी के तहत सीमांत के झूलाघाट अस्पताल में माह के पहले सप्ताह में इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा था। 25 जून को लगे शिविर में हंस फाउंडेशन के कोआर्डिनेटर ने शिविर की अगली तिथि तीन अगस्त निर्धारित की थी। इसी को देखते हुए बृहस्पतिवार को काफी मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। दोपहर एक बजे तक अस्पताल में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने पर मरीज और उनके तीमारदारों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
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बाद में अस्पताल के डॉक्टर सचिन प्रकाश ने बताया कि यहां लगने वाले शिविर को मरसोली में लगा दिया गया है। बिना बताए शिविर को दूसरी जगह लगाने से लोग गुस्से में थे। शिविर में नेपाल के सतपाली निवासी नैन राम, नगतड़ी निवासी महेश पंत, दौबास के भुवन लाल, कलावती देवी, मोहन राम, गेठिगाड़ा के जय सिंह, कानड़ी की पुष्पा चंद, पार्वती, रिषभ चंद और झूलाघाट के बालकृष्ण भट्ट, धुमरा देवी, गंगा देवी आदि को निराश होकर लौटना पड़ा। प्रदर्शन में व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी, कोषाध्यक्ष दीपक ईजरवाल, दिवाकर भट्ट, मोहन चंद्र भट्ट आदि शामिल थे।
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उधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ऊषा गुंज्याल बताया कि तीन अगस्त को झूलाघाट के स्थान पर मरसोली में शिविर लगने संबंधित पत्र विभाग के पास आ चुका था। इसकी सूचना बड़ालू के ब्लॉक लेबल अकाउंटेंट और ब्लॉक के प्रोजेक्ट मैनेजर को दे दी गई थी। दोनों से लापरवाही के लिए स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।