Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun ›   Uttarakhand: Bridge broken on Sensar road on Munsiyari-Milam road connecting China border, two injured.

उत्तराखंड : चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क पर सेनर गाड़ में बना पुल टूटा, नदी में समाई पोकलैंड

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुनस्यारी (पिथौरागढ़) Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Mon, 22 Jun 2020 08:41 PM IST
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poke land - फोटो : amar ujala
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाले मुनस्यारी-मिलम सड़क पर सेनर गाड़ बना पुल सोमवार को टूट गया। हादसा उस समय हुआ जब पुल से पोकलैंड मशीन लदा ट्राला गुजर रहा था। ट्राले में लदी पोकलैंड मशीन नदी में समा गई। हादसे में ट्राला चालक और पोकलैंड ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गए।

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका उपचार चल रहा है। मशीन सड़क निर्माण के लिए ले जाई जा रही थी। ट्राला वाहन संख्या यूके 04 सीबी 5138 के पुल से चढ़ते ही पुल सेनर गाड़ में समा गया।

हादसे की सूचना पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्राला चालक गोवर्धन सिंह निवासी लमगड़ा अल्मोड़ा और पोकलैंड ऑपरेटर लखविन्दर सिंह निवासी पंजाब को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों का कहना है कि दोनों घायलों के स्वास्थ्य में सुधार है।

पुल के टूटने से चीन सीमा से संपर्क कटा

सेनरगाड़ में पुल के टूटने से चीन सीमा से संपर्क टूट गया है। सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसी रास्ते से भारतीय जवानों को रसद और खाद्य सामग्री पहुंचा जाती है।

एक दर्जन से अधिक माइग्रेशन गांवों का संपर्क टूटा

सेनर गाड़ में पुल टूटने से सीमांत के दो दर्जन से अधिक माइग्रेशन गांवों का मुनस्यारी मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पुल के टूटने से धापा, क्वीरीजिमिया, साईपोलो, लीलम, बुईपातों सहित मल्ला जोहार के मिलम, विल्जू, बूर्फू टोला पांछू, लास्पा, गनघर, खिलाच रिलकोट गांव का संपर्क टूट गया है।

मना करने के बाद भी चालक ने पुल से गुजार दिया ट्राला

मिलम मार्ग पर मना करने के बावजूद ट्राला चालक ने पोकलैंड से लदे वाहन को पुल के ऊपर से गुजार दिया। पुल टूटने के दौरान बनाए गए वीडियो में पुल का चौकीदार पुल पर ट्राला ले जाने से मना करते साफ सुना जा सकता है। सामरिक महत्व की सड़क पर बने पुल के चौकीदार खड़क सिंह ने बताया कि उसने बिना अनुमति पोकलैंड मशीन से लदे ट्राला को पुल से ले जाने को मना किया था। लेकिन चालक ने नहीं माना। 

चौकीदार खड़क सिंह ने बताया कि ट्राला चालक ने यह भी कहा था कि पुल को कुछ नहीं होगा। लोगों का कहना है कि ये पुल पहले भी कॉर्नर में टूट गया था। कार्यदायी संस्था को ठीक करने को कहा गया था, लेकिन पुल ठीक नहीं किया गया। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष राम सिंह धर्मशक्तू का कहना है कि यह पुल पहले भी टूट चुका है। इस पुल को हल्के वाहनों के प्रयोग के लिए बनाया गया था। इस मामले में एबीसीआई कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केशव जोशी ने बताया कि ट्राला चालक को पुल क्रॉस नहीं करने को कहा गया था। इसके बावजूद वह नहीं माना।
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