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पिथौरागढ़ में भीम आर्मी ने दिया धरना
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पिथौरागढ़ टकाना रामलीला मैदान में धरना प्रदर्शन करते भीम आर्मी के लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर भीम आर्मी ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करती आ रही है। समाज में एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग का लगातार उत्पीड़न हो रहा है, लेकिन इसके बाद भी उनकी बातों को नहीं सुना जा रहा है।
शुक्रवार को भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कार्तिक टम्टा के नेतृत्व में लोगों ने रामलीला मैदान टकाना में धरना दिया। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग समुदाय के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को विगत तीन वर्षों से प्रशासनिक एवं विभागीय लापरवाही के चलते छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो पाया है। इसके कारण इन वर्गों के छात्र शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं। वह देश निर्माण में अपना योगदान नहीं दे पा रहे हैं।
एससी, एसटी, ओबीसी के बैकलॉग पर शासनादेश जारी होने के बावजूद भी सरकार ने कार्रवाई नहीं की।। रोस्टर की पुरानी व्यवस्था को जारी शासनादेश को लागू किया जाए। एससीएसटी के कर्मचारी, अधिकारियों की पदोन्नति की संवैधानिक व्यवस्था शासनादेश निर्गत कर लागू किया जाए।
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राज्य में एससीएसटी समुदाय पर होने वाली जातीय उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन प्रभावी कदम उठाए। गोविंद कोहली, रघुवर राम, योगेश कुमार, गणेश कुमार, अजय विश्वकर्मा, गीता टम्टा, गीता आदि ने धरना दिया।
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शुक्रवार को भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कार्तिक टम्टा के नेतृत्व में लोगों ने रामलीला मैदान टकाना में धरना दिया। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग समुदाय के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को विगत तीन वर्षों से प्रशासनिक एवं विभागीय लापरवाही के चलते छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो पाया है। इसके कारण इन वर्गों के छात्र शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं। वह देश निर्माण में अपना योगदान नहीं दे पा रहे हैं।
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एससी, एसटी, ओबीसी के बैकलॉग पर शासनादेश जारी होने के बावजूद भी सरकार ने कार्रवाई नहीं की।। रोस्टर की पुरानी व्यवस्था को जारी शासनादेश को लागू किया जाए। एससीएसटी के कर्मचारी, अधिकारियों की पदोन्नति की संवैधानिक व्यवस्था शासनादेश निर्गत कर लागू किया जाए।
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राज्य में एससीएसटी समुदाय पर होने वाली जातीय उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन प्रभावी कदम उठाए। गोविंद कोहली, रघुवर राम, योगेश कुमार, गणेश कुमार, अजय विश्वकर्मा, गीता टम्टा, गीता आदि ने धरना दिया।