गंगोलीहाट/ थल/पिथौरागढ़। श्रम कानून को रद्द करने से आशा कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। नाराज आशा कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाया है। इधर थल में भी आशा कार्यकत्रियों ने भी प्रदर्शन किया। शुक्रवार को आशा कार्यकर्ता गंगोलीहाट में एकत्र हुईं। उन्होंने अपनी मांगों के लिए संघर्ष व हड़ताल के अधिकार पर रोक लगाने की कोशिश पर रोक लगाने, श्रम कानून को तीन साल के लिए स्थगित करने का फैसला वापस लेने की मांग, आठ घंटे कार्य दिवस को 12 घंटे का फैसला रद्द करने की मांग, मजदूरों का अधिकार नहीं छीनने की मांग, आशा कार्यकर्ता को मिलने वाली बकाया राशि, ग्रुप एक्टिविटी दो हजार, मानदेय प्रति प्रसव पारिश्रमिक और 2019-20 के लंबित देयकों का भुगतान करने की मांग की। आशाओं को बिना किसी भुगतान के 21 या 28 दिनों में विजिट के मजबूर न करने की मांग, आशा कार्यकत्रियों को 10 हजार रुपये लॉकडाउन रहित भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर रेखा सौन, सविता देवी, सुमन देवी, दीपा देवी, कमला देवी, मंजू देवी, रेखा देवी, सीता बोरा, उमा महारा मौजूद रहे। पिथौरागढ़ में गोविंद कफलिया ने भी समर्थन में धरना दिया।