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भविष्य में बड़े धाम के रूप में विकसित होगा आदि कैलाश : अजय
Sun, 01 Oct 2023 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 01 Oct 2023 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़। आदि कैलाश भविष्य में बड़े धाम के रूप में विकसित होगा। अगले डेढ़ वर्ष में आदि कैलाश तक सड़क हॉटमिक्स हो जाएगी। इसके बाद तीर्थयात्रियों के लिए आवागमन सुगम हो जाएगा। यह बात धारचूला स्थित व्यास घाटी का तीन दिनी भ्रमण कर लौटे सांसद अजय टम्टा ने कही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 अक्तूबर को आदि कैलाश दर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी के मद्देनजर सांसद टम्टा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल और धारचूला प्रमुख धन सिंह धामी व्यवस्थाओं का जायजा लेने व्यास घाटी पहुंचे थे। वहां से लौटकर रविवार को एक होटल में पत्रकारों से वार्ता में सांसद टम्टा ने कहा कि गुंजी, कुटी-ज्योलिंगकांग से आदि कैलाश, पार्वती कुंड तक सड़क बनाई जा रही है। अगले डेढ़ वर्ष में आदि कैलाश तक सड़क हॉटमिक्स हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से आदि कैलाश को नई पहचान मिलेगी। इससे भविष्य में आदि कैलाश बड़े धाम के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें आदि कैलाश और पार्वती तालाब देख सुखद अनुभूति हुई। कहा कि क्षेत्र की जनता प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर खासी उत्साहित है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री का पिथौरागढ़ में सभा कराने का प्रयास किया जा रहा है। वार्ता के दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री के दौरे से बढ़ेगा सीमा प्रहरियों का हौसला
पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यास, चौदास घाटी की आध्यात्मिक यात्रा से चीन सीमा से जुड़े क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इससे चीन सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों के साथ ही सीमा प्रहरी माने जाने वाले नागरिकों का हौसला भी बढ़ेगा। साथ ही सीमांत की तीनों घाटियों व्यास, चौदास और दारमा में पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार भी खुलेंगे।
चीन के साथ वर्तमान में संबंध मधुर नहीं होने से कैलाश यात्रा वर्ष 2020 के बाद से बंद चल रही है। सीमा क्षेत्र के गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में चयनित किया गया है। इसके लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस वर्ष अभी तक देश के विभिन्न राज्यों के करीब आठ हजार पर्यटक व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश, पार्वती कुंड और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद तीनों ही घाटियों में सुविधाओं में इजाफा होगा। इससे गांवों से पलायन भी रुकेगा। संवाद
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 अक्तूबर को आदि कैलाश दर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी के मद्देनजर सांसद टम्टा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल और धारचूला प्रमुख धन सिंह धामी व्यवस्थाओं का जायजा लेने व्यास घाटी पहुंचे थे। वहां से लौटकर रविवार को एक होटल में पत्रकारों से वार्ता में सांसद टम्टा ने कहा कि गुंजी, कुटी-ज्योलिंगकांग से आदि कैलाश, पार्वती कुंड तक सड़क बनाई जा रही है। अगले डेढ़ वर्ष में आदि कैलाश तक सड़क हॉटमिक्स हो जाएगी।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से आदि कैलाश को नई पहचान मिलेगी। इससे भविष्य में आदि कैलाश बड़े धाम के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें आदि कैलाश और पार्वती तालाब देख सुखद अनुभूति हुई। कहा कि क्षेत्र की जनता प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर खासी उत्साहित है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री का पिथौरागढ़ में सभा कराने का प्रयास किया जा रहा है। वार्ता के दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री के दौरे से बढ़ेगा सीमा प्रहरियों का हौसला
पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यास, चौदास घाटी की आध्यात्मिक यात्रा से चीन सीमा से जुड़े क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इससे चीन सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों के साथ ही सीमा प्रहरी माने जाने वाले नागरिकों का हौसला भी बढ़ेगा। साथ ही सीमांत की तीनों घाटियों व्यास, चौदास और दारमा में पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार भी खुलेंगे।
चीन के साथ वर्तमान में संबंध मधुर नहीं होने से कैलाश यात्रा वर्ष 2020 के बाद से बंद चल रही है। सीमा क्षेत्र के गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में चयनित किया गया है। इसके लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस वर्ष अभी तक देश के विभिन्न राज्यों के करीब आठ हजार पर्यटक व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश, पार्वती कुंड और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद तीनों ही घाटियों में सुविधाओं में इजाफा होगा। इससे गांवों से पलायन भी रुकेगा। संवाद