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Pithoragarh News: ज्योलिंगकांग से पार्वती सरोवर तक शटल सेवा से पहुंचेंगे आदि कैलाश यात्री

Thu, 10 Apr 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 10 Apr 2025 10:43 PM IST
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Adi Kailash pilgrims will reach Parvati Sarovar from Jyolingkang by shuttle service
पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा दो मई से शुरू हो जाएगी। इस बार यात्री ज्योलिंगकांग से पार्वती सरोवर तक शटल टैक्सी सेवा से पहुंचेंगे। शटल सेवा का किराया निर्धारित होगा। करीब 10 शटल टैक्सियों का संचालन पार्वती सरोवर तक होगा। ऐसे में टैक्सी संचालक यात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे।
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इस बार आदि कैलाश यात्रा के लिए एक लाख से अधिक यात्रियों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने आदि कैलाश पहुंचकर इसका रोडमैप तैयार किया है। 30 अप्रैल से यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट जारी होंगे। अधिकारियों के मुताबिक नपल्चू, कुटी, नाभीढांग, ज्योलिंगकांग में यात्री होम स्टे और केएमवीएन के टीआरसी में ठहरेंगे।
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इन होम स्टे और टीआरसी में क्षमता की अपेक्षा हर रोज 1000 यात्रियों को यात्रा के लिए भेजा जाएगा। यात्री इस बार ज्योलिंगकांग से पार्वती सरोवर तक डेढ़ किमी की दूरी शटल सेवा से तय करेंगे। शटल सेवा का किराया तय करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की होगी। किराया तय होने से यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। कम से कम 10 शटल टैक्सी का संचालन पार्वती सरोवर तक किया जाएगा। संवाद
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होम स्टे में भी तय होगा किराया
अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों की सुविधा को देखते हुए होम स्टे में भी किराया तय किया जाएगा। इसके लिए होम स्टे संचालकों के साथ बैठक की जाएगी। उनकी सहमति के अनुरूप किराये को लेकर निर्णय लिया जाएगा। होम स्टे का किराया तय करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की होगी।
घोड़े-खच्चरों का करना पड़ेगा पंजीकरण
आदि कैलाश यात्रियों की आवाजाही के लिए घोड़े और खच्चरों का भी सहयोग लिया जाता है। इस बार यात्रा के लिए घोड़े और खच्चरों का भी स्वामियों को पंजीकरण कराना होगा। जिला पंचायत को यह जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक पंजीकरण के साथ ही पशुपालन विभाग से इनका स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा। बीमार घोड़े-खच्चरों का उपयोग यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा।

कोट
आदि कैलाश यात्रा की तैयारी शुरू हो चुकी है। यात्रियों को पार्वती कुंड तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए शटल सेवा संचालित होगी। होम स्टे का किराया भी तय होगा। होम स्टे और टीआरसी की क्षमता के अनुरूप ही यात्रियों को यात्रा के लिए परमिट जारी होंगे ताकि उनको किसी तरह की असुविधा न हो। - योगेंद्र सिंह, एडीएम, पिथौरागढ़
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