फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   A teacher, five children, five classes

एक शिक्षक, पांच बच्चे, पांच कक्षाएं

Tue, 12 Jul 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी Updated Tue, 12 Jul 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
A teacher, five children, five classes
शिक्षा व्यवस्था का हाल - फोटो : अमर उजाला

नाचनी के पास गोलगांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक है। यहां पांच विद्यार्थी पढ़ रहे और विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं का संचालन होता है। पांच बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन भी बनता है, क्योंकि इसके लिए सख्त आदेश हैं। पांचों बच्चों को हर साल स्कूल ड्रेस भी मिलती है।

विज्ञापन


एकमात्र शिक्षक हरीश सिंह बिष्ट विद्यालय में तैनात हैं। मानक के अनुसार छात्रसंख्या के हिसाब से दूसरा शिक्षक नहीं आ सकता। सरकार दस से कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों को बंद करने की तीन साल से तैयारी कर रही है, लेकिन राजनैतिक दबाव और अधिकारियों की कमजोर इच्छाशक्ति के कारण यह विद्यालय बंद भी नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षक हरीश सिंह समय पर स्कूल आ जाते हैं, क्योंकि छात्रसंख्या कम है तो सभी को एक साथ बैठा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि महीने के तीन-चार दिन मीटिंग में जाने के कारण विद्यालय बंद करना पड़ता है। शिक्षक के साथ मजबूरी यह है कि वह कभी भी कैजुअल लीव तक नहीं ले पाते, क्योंकि रिलीवर के तौर पर दूसरा शिक्षक वहां आना नहीं चाहता।
विज्ञापन


ग्राम प्रधान रमेश राम का कहना है कि छात्रसंख्या बढ़ नहीं रही है। ऐसे में विद्यालय बंद कर देना चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी शौकत अली ने बताया कि हर महीने कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों की सूची शासन को जाती है। सरकार की जानकारी में सारा मामला है। कम छात्रसंख्या वाले स्कूल बंद करने के आदेश आएंगे तो तत्काल उसे लागू कर दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed