{"_id":"117-85726","slug":"Pithoragarh-85726-117","type":"story","status":"publish","title_hn":"मयूख ने फिर लिखा सीएम को कड़ा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मयूख ने फिर लिखा सीएम को कड़ा पत्र
Pithoragarh
Updated Fri, 05 Sep 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। एक तरफ मुख्यमंत्री हरीश रावत आंवलाघाट पेयजल योजना के लिए 10 करोड़ रुपए देकर पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर का गुस्सा ठंडा करने की कोशिश कर रहे हैं, दूसरी तरफ विधायक महर ने मुख्यमंत्री को एक और कड़ा पत्र लिखकर आग में घी डालने का काम किया है। विधायक ने भाजपा नेताओं के सिर पर वरदहस्त होने का आरोप भी सीएम पर मढ़ा है।
महर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि सरकार पिथौरागढ़ के विकास को अवरुद्ध करने पर तुली हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पिथौरागढ़ की पेयजल, पर्यटन की दिक्कतों को देखते हुए चार करोड़ लागत की रई झील स्वीकृत की थी। झील में 90 प्रतिशत धन केंद्र और 10 प्रतिशत धन राज्य सरकार से मिलना था। उस वक्त आप (रावत) भारत सरकार में जल संसाधन मंत्री थे, लेकिन केंद्र से धन नहीं मिला। राज्यांश मिल गया था, सिंचाई विभाग के अधिकारियों से सूचना मिली है कि उक्त रकम राज्य सरकार ने वापस मंगा ली है।
लिखा है कि पहले बेस अस्पताल, आंवलाघाट पेयजल योजना को उलझाया गया, अब झील का पैसा वापस मंगाकर आपकी सरकार जनता को क्या संदेश देना चाहती है। तल्ख शब्दों में लिखा है कि आपने यहां पर मेरे विकल्प जुटा लिए हैं, पार्टी को मेरी आवश्यकता नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री की अनुकंपा से स्वीकृत कार्यों को पूर्ण होने दें, मैं स्वयं पिथौरागढ़ के राजनीतिक परिदृश्य से हट जाऊंगा। पिथौरागढ़ के विकास के लिए कोई भी कुर्बानी दे दूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
महर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि सरकार पिथौरागढ़ के विकास को अवरुद्ध करने पर तुली हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पिथौरागढ़ की पेयजल, पर्यटन की दिक्कतों को देखते हुए चार करोड़ लागत की रई झील स्वीकृत की थी। झील में 90 प्रतिशत धन केंद्र और 10 प्रतिशत धन राज्य सरकार से मिलना था। उस वक्त आप (रावत) भारत सरकार में जल संसाधन मंत्री थे, लेकिन केंद्र से धन नहीं मिला। राज्यांश मिल गया था, सिंचाई विभाग के अधिकारियों से सूचना मिली है कि उक्त रकम राज्य सरकार ने वापस मंगा ली है।
विज्ञापन
लिखा है कि पहले बेस अस्पताल, आंवलाघाट पेयजल योजना को उलझाया गया, अब झील का पैसा वापस मंगाकर आपकी सरकार जनता को क्या संदेश देना चाहती है। तल्ख शब्दों में लिखा है कि आपने यहां पर मेरे विकल्प जुटा लिए हैं, पार्टी को मेरी आवश्यकता नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री की अनुकंपा से स्वीकृत कार्यों को पूर्ण होने दें, मैं स्वयं पिथौरागढ़ के राजनीतिक परिदृश्य से हट जाऊंगा। पिथौरागढ़ के विकास के लिए कोई भी कुर्बानी दे दूंगा।
विज्ञापन