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लोक कला का दिलकशा नजारा पेश
Pithoragarh
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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जौलजीबी/धारचूला। काली एवं गोरी नदी के संगम पर चले रहा प्रसिद्ध व्यापारिक जौलजीबी मेला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। ग्यारह दिन चले इस मेले का शनिवार को समापन होगा। उधर मेले में स्थानीय लोक संस्कृति के तमाम रंग नजर आए। कई उम्दा प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
स्थानीय नागरिकों समेत दूरदराज से पहुंचने वाले लोगों द्वारा खूब खरीददारी की जा रही है। रात को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जलवा भी देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार की रात को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत में सरस्वती शिशु मंदिर बरम और राजकीय इंटर कालेज बरम के विद्यार्थियों मनमोहक कार्यक्रम पेश किए। इसके बाद कुमाऊं स्काउट एवं हिमनगरी सांस्कृतिक कला केंद्र मुनस्यारी के कलाकारों ने भी अनेक रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। शुक्रवार को वनराजि विद्यालय जौलजीबी के बच्चों ने कई कार्यक्रम पेश किए। मेलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मेला शनिवार को संपन्न होगा। नागरिकों की मांग और व्यापार के मद्देनजर इस बार मेला अवधि 22 नवंबर के स्थान पर बढ़ाकर 24 नवंबर की गई।
स्थानीय नागरिकों समेत दूरदराज से पहुंचने वाले लोगों द्वारा खूब खरीददारी की जा रही है। रात को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जलवा भी देखने को मिल रहा है। बृहस्पतिवार की रात को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत में सरस्वती शिशु मंदिर बरम और राजकीय इंटर कालेज बरम के विद्यार्थियों मनमोहक कार्यक्रम पेश किए। इसके बाद कुमाऊं स्काउट एवं हिमनगरी सांस्कृतिक कला केंद्र मुनस्यारी के कलाकारों ने भी अनेक रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। शुक्रवार को वनराजि विद्यालय जौलजीबी के बच्चों ने कई कार्यक्रम पेश किए। मेलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मेला शनिवार को संपन्न होगा। नागरिकों की मांग और व्यापार के मद्देनजर इस बार मेला अवधि 22 नवंबर के स्थान पर बढ़ाकर 24 नवंबर की गई।
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