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डूब क्षेत्र के पेड़ों की गणना का काम शुरू
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:29 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों में मौजूद पेड़ों की गणना का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में आरक्षित वनों और सिविल वनों में मौजूद पेड़ों की गणना की जा रही है। इधर, ग्रामीणों ने पंचायती वनों में मौजूद पेड़ों की गणना करने की मांग भी उठा दी है, ताकि लोगों को पेड़ों का मुआवजा मिल सके। पेड़ों की गणना के लिए डीएम सी रविशंकर ने नोडल अधिकारी और उप नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं।
पिथौरागढ़ तहसील में एसडीएम एसके पांडे को नोडल और तहसीलदार राधेश्याम राणा को उप नोडल अधिकारी बनाया गया है। गंगोलीहाट में एसडीएम वैभव गुप्ता, तहसीलदार इंद्र सिंह मेहता, डीडीहाट में एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार अर्जुन लाल टम्टा, कनालीछीना में एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार आईबी मल्ल, धारचूला में एसडीएम आरके पांडे, तहसीलदार डॉ. एलएम तिवारी नोडल और उप नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।
पेड़ों की गणना करने के बाद 15 जनवरी तक रिपोर्ट पेश करनी होगी। वन विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की भी इस काम में ड्यूटी लगाई गई है।
वहीं, अस्कोट में वन पंचायत सरपंच लक्ष्मण सिंह और प्रधान गोविंद भंडारी ने मांग की है कि पंचायती वनों में मौजूद पेड़ों की भी गणना की जाए और वन पंचायतों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों में लोगों ने कई महत्वपूर्ण पेड़ों को संरक्षित कर रखा है।
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इधर, वन विभाग, राजस्व विभाग ने डूब क्षेत्र में मंगलवार से पेड़ों की गिनती का काम शुरू कर दिया है। 15 दिन बाद ही पता चलेगा कि डूब क्षेत्र में कितने पेड़ चिन्हित किए गए हैं।
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पिथौरागढ़ तहसील में एसडीएम एसके पांडे को नोडल और तहसीलदार राधेश्याम राणा को उप नोडल अधिकारी बनाया गया है। गंगोलीहाट में एसडीएम वैभव गुप्ता, तहसीलदार इंद्र सिंह मेहता, डीडीहाट में एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार अर्जुन लाल टम्टा, कनालीछीना में एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार आईबी मल्ल, धारचूला में एसडीएम आरके पांडे, तहसीलदार डॉ. एलएम तिवारी नोडल और उप नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।
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पेड़ों की गणना करने के बाद 15 जनवरी तक रिपोर्ट पेश करनी होगी। वन विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की भी इस काम में ड्यूटी लगाई गई है।
वहीं, अस्कोट में वन पंचायत सरपंच लक्ष्मण सिंह और प्रधान गोविंद भंडारी ने मांग की है कि पंचायती वनों में मौजूद पेड़ों की भी गणना की जाए और वन पंचायतों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों में लोगों ने कई महत्वपूर्ण पेड़ों को संरक्षित कर रखा है।
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इधर, वन विभाग, राजस्व विभाग ने डूब क्षेत्र में मंगलवार से पेड़ों की गिनती का काम शुरू कर दिया है। 15 दिन बाद ही पता चलेगा कि डूब क्षेत्र में कितने पेड़ चिन्हित किए गए हैं।