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जलेबी की तरह घुमा दी जयकोट सड़क
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:56 PM IST
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धारचूला/पिथौरागढ़। गस्कू से जयकोट के लिए बन रही सड़क को सर्वे के मुताबिक बनाने के बजाए लोगों के खेतों में जलेबी की तरह घुमा दी गई है। इससे गांव में जबर्दस्त भूस्खलन हो रहा है। साथ ही लोगों के खेत अनावश्यक कट गए हैं। इसके खिलाफ गांव वालों ने कई बार आवाज भी उठाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
शासन ने वर्ष 2016 में गस्कू से जयकोट तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 12 किमी सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, लेकिन पीएमजीएसवाई डिवीजन के अभियंताओं और ठेकेदार ने मानकों को ताख पर रखकर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। अलाइमेंट को दरकिनार कर गांव वालों के खेेतों में जलेबी की तरह सड़क को घुमा दिया। खेतों में एक के ऊपर एक बैंड दे दिए गए, जिससे भूस्खलन होना शुरू हो गया। साथ ही भूकटाव से गांव में कई लोगों के मकान खतरे की जद में आ गए और सैकड़ों नाली जमीन भूस्खलन की भेंट चढ़ गई।
गांव के सामाजिक कार्यकर्ता डीएस बडाल ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति के बिना ठेकेदार ने पूरे गांव को सांप-सीढ़ी की तरह काट दिया, जिससे गांव खतरे में आ गया। खेत जमींदोज हो गए। ग्राम प्रधान चंद्र सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक के सामने मामला उठाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों के खेतों का मुआवजा तक नहीं दिया गया। अब गांव के लोगों ने सुरक्षा दीवार लगाने तक सड़क का काम न होने देेने की शर्त लगाई है। इस कारण जनवरी 2018 से सड़क का काम रुका हुआ है।
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धारचूला व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा का कहना है कि पीएमजीएसवाई डिवीजन ने मानकों की धज्जियां उड़ाई हैं। कई पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई। डंपिंग यार्ड के बजाए गांव के गधेरों में मलबा डाल दिया गया, जिससे से कई पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई। बरसात में पूरे गांव के लिए खतरा हो सकता है।
संपन्न गांव को कर दिया बर्बाद
धारचूला से 30 किमी की दूरी पर स्थित जयकोट जाने के लिए 25 किमी वाहन और पांच किमी की कठिन चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। ढाई हजार की आबादी वाले जयकोट गांव को बागवानी और कृषि के लिहाज से संपन्न गांवों में शुमार किया जाता था, लेकिन सड़क निर्माण से गांव को बर्बाद करके रख दिया है। भूस्खलन से डरे हुए कई परिवार धारचूला में रह रहे हैं।
जयकोट में सुरक्षा दीवार लगाने के लिए शासन को ढाई करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। 12 करोड़ की लागत में ही सड़क को जयकोट से 10 किमी आगे कुरीला तक बनाया जाना है। -कैलाश चंद्र, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई डिवीजन धारचूला
यदि ऐसा हुआ है तो गंभीर प्रकरण है, इसकी जांच कराई जाएगी, दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। -सी रविशंकर, जिलाधिकारी पिथौरागढ़।
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शासन ने वर्ष 2016 में गस्कू से जयकोट तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 12 किमी सड़क निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, लेकिन पीएमजीएसवाई डिवीजन के अभियंताओं और ठेकेदार ने मानकों को ताख पर रखकर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। अलाइमेंट को दरकिनार कर गांव वालों के खेेतों में जलेबी की तरह सड़क को घुमा दिया। खेतों में एक के ऊपर एक बैंड दे दिए गए, जिससे भूस्खलन होना शुरू हो गया। साथ ही भूकटाव से गांव में कई लोगों के मकान खतरे की जद में आ गए और सैकड़ों नाली जमीन भूस्खलन की भेंट चढ़ गई।
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गांव के सामाजिक कार्यकर्ता डीएस बडाल ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति के बिना ठेकेदार ने पूरे गांव को सांप-सीढ़ी की तरह काट दिया, जिससे गांव खतरे में आ गया। खेत जमींदोज हो गए। ग्राम प्रधान चंद्र सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक के सामने मामला उठाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों के खेतों का मुआवजा तक नहीं दिया गया। अब गांव के लोगों ने सुरक्षा दीवार लगाने तक सड़क का काम न होने देेने की शर्त लगाई है। इस कारण जनवरी 2018 से सड़क का काम रुका हुआ है।
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धारचूला व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा का कहना है कि पीएमजीएसवाई डिवीजन ने मानकों की धज्जियां उड़ाई हैं। कई पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई। डंपिंग यार्ड के बजाए गांव के गधेरों में मलबा डाल दिया गया, जिससे से कई पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई। बरसात में पूरे गांव के लिए खतरा हो सकता है।
संपन्न गांव को कर दिया बर्बाद
धारचूला से 30 किमी की दूरी पर स्थित जयकोट जाने के लिए 25 किमी वाहन और पांच किमी की कठिन चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। ढाई हजार की आबादी वाले जयकोट गांव को बागवानी और कृषि के लिहाज से संपन्न गांवों में शुमार किया जाता था, लेकिन सड़क निर्माण से गांव को बर्बाद करके रख दिया है। भूस्खलन से डरे हुए कई परिवार धारचूला में रह रहे हैं।
जयकोट में सुरक्षा दीवार लगाने के लिए शासन को ढाई करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। 12 करोड़ की लागत में ही सड़क को जयकोट से 10 किमी आगे कुरीला तक बनाया जाना है। -कैलाश चंद्र, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई डिवीजन धारचूला
यदि ऐसा हुआ है तो गंभीर प्रकरण है, इसकी जांच कराई जाएगी, दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। -सी रविशंकर, जिलाधिकारी पिथौरागढ़।