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खोतिला भूस्खलन से रुक सकता है काली का प्रवाह
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:59 PM IST
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भारत-नेपाल के अफसरों की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। भारत-नेपाल सीमा पर खोतिला के पास भूस्खलन से काली नदी का प्रवाह रुक सकता है। भूस्खलन के बाद नदी में बड़े-बड़े बोल्डर पड़े हैं। मानसून में प्रवाह रुकने से दोनों देशों की आबादी को भी खतरा हो सकता है।
सोमवार को पिथौरागढ़ में हुई भारत-नेपाल समन्वय समिति की बैठक में नेपाल के अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों से इस चिंता को साझा करते हुए बोल्डर हटाने की मांग की। बैठक में नेपाली प्रशासन के अधिकारियों ने खोतिला भूस्खलन का मामला उठाया। कहा कि पिछले वर्ष भूस्खलन के बाद महाकाली नदी में बड़े-बड़े बोल्डर समा गए थे। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय सिंचाई विभाग बाढ़ सुरक्षा का काम कर रहा है। नेपाली प्रशासन ने नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर असंतोष जताया। कहा कि मानसून में बोल्डरों के चलते नदी का प्रवाह रुक सकता है। नदी का पानी किनारों को काटने के साथ ही भारी भूकटाव की वजह बन सकता है। इससे दोनों देशों को खतरा हो सकता है। नेपाली प्रशासन ने भारत से नदी के बोल्डरों को हटाने की मांग उठाई।
भारत-नेपाल के अधिकारी आज करेंगे खोतिला का दौरा
पिथौरागढ़। नेपाल के बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर आपत्ति जताने के बाद भारतीय प्रशासन हरकत में आ गया है। डीएम ने धारचूला एसडीएम, सिंचाई विभाग के एसई से मंगलवार को नेपाल के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा करने को कहा है। संयुक्त दल भूस्खलन की स्थिति, बोल्डरों के चलते नदी के प्रवाह, बाढ़ सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को परखेगा। खोतिला के स्थलीय निरीक्षण के बाद भारतीय अधिकारी बाढ़ सुरक्षा कार्य आगे बढ़ाएंगे।
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नेपाल ने सात झूला पुलों पर मांगी अनापत्ति
पिथौरागढ़। भारत-नेपाल समन्वय समिति की बैठक में नेपाल के अधिकारियों ने भारत से महाकाली में प्रस्तावित सात झूला पुलों पर जल्द अनापत्ति मांगी। नेपाली प्रशासन ने भारतीय प्रशासन से अनापत्ति देने की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। बताया गया कि नेपाल की ओर से महाकाली नदी पर सात पैदल पुल प्रस्तावित हैं। इनमें द्वालीसेरा, दोबाट, कूलागाड़, ऐलागाड़, मलपाट, गस्कू, गर्बा, मालपा शामिल हैं। सभी झूला पुलों का निर्माण नेपाल सरकार को करना है। नेपाली नागरिकों के आवागमन के लिए ये पुल काफी अहम हैं। महाकाली संधि के अनुसार सीमा पर निर्माण पर दोनों देशों की मंजूरी जरूरी है। इस संबंध में नेपाल झूला पुलों पर निर्माण प्रस्तावित कर चुका है। अब भारत की अनापत्ति का इंतजार है। भारत नेपाल समन्वय समिति की बैठक में दार्चूला जिल्ला प्रमुख जनार्दन गौतम में भारतीय समकक्ष पिथौरागढ़ डीएम सी रविशंकर से अनापत्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। डीएम रविशंकर ने इस संबंध में केंद्र को जल्द प्रस्ताव भेजने का भरोसा दिया।
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सोमवार को पिथौरागढ़ में हुई भारत-नेपाल समन्वय समिति की बैठक में नेपाल के अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों से इस चिंता को साझा करते हुए बोल्डर हटाने की मांग की। बैठक में नेपाली प्रशासन के अधिकारियों ने खोतिला भूस्खलन का मामला उठाया। कहा कि पिछले वर्ष भूस्खलन के बाद महाकाली नदी में बड़े-बड़े बोल्डर समा गए थे। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय सिंचाई विभाग बाढ़ सुरक्षा का काम कर रहा है। नेपाली प्रशासन ने नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर असंतोष जताया। कहा कि मानसून में बोल्डरों के चलते नदी का प्रवाह रुक सकता है। नदी का पानी किनारों को काटने के साथ ही भारी भूकटाव की वजह बन सकता है। इससे दोनों देशों को खतरा हो सकता है। नेपाली प्रशासन ने भारत से नदी के बोल्डरों को हटाने की मांग उठाई।
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भारत-नेपाल के अधिकारी आज करेंगे खोतिला का दौरा
पिथौरागढ़। नेपाल के बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर आपत्ति जताने के बाद भारतीय प्रशासन हरकत में आ गया है। डीएम ने धारचूला एसडीएम, सिंचाई विभाग के एसई से मंगलवार को नेपाल के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा करने को कहा है। संयुक्त दल भूस्खलन की स्थिति, बोल्डरों के चलते नदी के प्रवाह, बाढ़ सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को परखेगा। खोतिला के स्थलीय निरीक्षण के बाद भारतीय अधिकारी बाढ़ सुरक्षा कार्य आगे बढ़ाएंगे।
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नेपाल ने सात झूला पुलों पर मांगी अनापत्ति
पिथौरागढ़। भारत-नेपाल समन्वय समिति की बैठक में नेपाल के अधिकारियों ने भारत से महाकाली में प्रस्तावित सात झूला पुलों पर जल्द अनापत्ति मांगी। नेपाली प्रशासन ने भारतीय प्रशासन से अनापत्ति देने की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। बताया गया कि नेपाल की ओर से महाकाली नदी पर सात पैदल पुल प्रस्तावित हैं। इनमें द्वालीसेरा, दोबाट, कूलागाड़, ऐलागाड़, मलपाट, गस्कू, गर्बा, मालपा शामिल हैं। सभी झूला पुलों का निर्माण नेपाल सरकार को करना है। नेपाली नागरिकों के आवागमन के लिए ये पुल काफी अहम हैं। महाकाली संधि के अनुसार सीमा पर निर्माण पर दोनों देशों की मंजूरी जरूरी है। इस संबंध में नेपाल झूला पुलों पर निर्माण प्रस्तावित कर चुका है। अब भारत की अनापत्ति का इंतजार है। भारत नेपाल समन्वय समिति की बैठक में दार्चूला जिल्ला प्रमुख जनार्दन गौतम में भारतीय समकक्ष पिथौरागढ़ डीएम सी रविशंकर से अनापत्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। डीएम रविशंकर ने इस संबंध में केंद्र को जल्द प्रस्ताव भेजने का भरोसा दिया।