{"_id":"5b818f8a42c79246553367ca","slug":"61535217546-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्कोट-कनालीछीना पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्कोट-कनालीछीना पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त
Updated Sat, 25 Aug 2018 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। अस्कोट-कनालीछीना पैदल मार्ग ख्वांकोट के पास बगना लोहारखेत नामक स्थान पर करीब 100 मीटर हिस्से में क्षतिग्रस्त हो गया है। रास्ता टूटकर चर्मा नदी में समा गया है। मार्ग अस्कोट लोनिवि के अधीन है।
मजदूर न होने से रास्ते की देखरेख नहीं हो पाती है। रास्ता क्षतिग्रस्त होने से महतगांव, डुंगरी, कनेती, चौंसाल, डुंगरा, डोकुना, सिलौली, औलतड़ी, मझेड़ा, बाराकोट, अमकोट, चौकी, आणागांव, गोवर्सा के लोग संकट में आ गए हैं। आवागमन ठप होने से लोगों को अस्कोट और कनालीछीना आने के लिए कई किलोमीटर दूर से घूमकर जाना पड़ रहा है। मोटर मार्ग की सुविधा न होने से लोग इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
लोगों ने रास्ते की शीघ्र मरम्मत करने की मांग उठाई है। लोनिवि अस्कोट के अवर अभियंता मनीष खड़ायत का कहना है कि विभाग में मजदूरों की कमी है। क्षति का आकलन किया जा रहा है। रास्ते की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मजदूर न होने से रास्ते की देखरेख नहीं हो पाती है। रास्ता क्षतिग्रस्त होने से महतगांव, डुंगरी, कनेती, चौंसाल, डुंगरा, डोकुना, सिलौली, औलतड़ी, मझेड़ा, बाराकोट, अमकोट, चौकी, आणागांव, गोवर्सा के लोग संकट में आ गए हैं। आवागमन ठप होने से लोगों को अस्कोट और कनालीछीना आने के लिए कई किलोमीटर दूर से घूमकर जाना पड़ रहा है। मोटर मार्ग की सुविधा न होने से लोग इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
विज्ञापन
लोगों ने रास्ते की शीघ्र मरम्मत करने की मांग उठाई है। लोनिवि अस्कोट के अवर अभियंता मनीष खड़ायत का कहना है कि विभाग में मजदूरों की कमी है। क्षति का आकलन किया जा रहा है। रास्ते की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन