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स्वागत से अभिभूत हो गए लवराज धर्मशक्तू
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:07 PM IST
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। 27 मार्च 2017 को दुनिया की सबसे ऊंची एवरेस्ट की चोटी पर छठी बार फतह कर यहां पहुंचे पर्वतारोही पद्मश्री लवराज सिंह धर्मशक्तू स्वागत से अभिभूत हो गए। उन्होंने कहा कि यदि पर्वतारोहण के क्षेत्र में यहां के युवा अपना कॅरिअर बनाना चाहें तो उनकी पूरी मदद की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने घर के लोग सम्मानित करें तो ज्यादा शक्ति मिलती है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि मुनस्यारी में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। लोगों का आह्वान किया कि वह पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार करें और यहां के पर्यावरण को प्रदूषित न होने दें।
लवराज ने कहा कि मुनस्यारी स्थित पंडित नैन सिंह पर्वतारोहण संस्थान में बच्चों को प्रशिक्षण दिलाएं, ताकि वह इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। सम्मान समारोह में मौजूद लवराज की पत्नी रीना कौशल धर्मशक्तू ने कहा कि किसी पर्वत पर चढ़ने पर उसके लिए फतह शब्द का प्रयोग गलत है। पर्वत को कोई फतह नहीं कर सकता। एवरेस्ट को सागरमाथा भी कहते हैं। बिना ईश्वर के आदेश के कोई भी एवरेस्ट पर नहीं चढ़ सकता है।
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इससे पहले लवराज को विभिन्न संगठनों की ओर से शॉल, प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम में जोहार क्लब के अध्यक्ष खुशाल सिंह धर्मशक्तू, कांग्रेस नेता तारा पांगती, भाजपा महामंत्री मनोहर दरियाल, देवेंद्र देवा, ईश्वर कोरंगा, गोकर्ण पांगती, वीरू बुग्याल समेत तमाम लोग थे। विवेकानंद विद्या मंदिर की बालिकाओं ने स्वागत गीत पेश किया।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने घर के लोग सम्मानित करें तो ज्यादा शक्ति मिलती है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि मुनस्यारी में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। लोगों का आह्वान किया कि वह पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार करें और यहां के पर्यावरण को प्रदूषित न होने दें।
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लवराज ने कहा कि मुनस्यारी स्थित पंडित नैन सिंह पर्वतारोहण संस्थान में बच्चों को प्रशिक्षण दिलाएं, ताकि वह इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। सम्मान समारोह में मौजूद लवराज की पत्नी रीना कौशल धर्मशक्तू ने कहा कि किसी पर्वत पर चढ़ने पर उसके लिए फतह शब्द का प्रयोग गलत है। पर्वत को कोई फतह नहीं कर सकता। एवरेस्ट को सागरमाथा भी कहते हैं। बिना ईश्वर के आदेश के कोई भी एवरेस्ट पर नहीं चढ़ सकता है।
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इससे पहले लवराज को विभिन्न संगठनों की ओर से शॉल, प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम में जोहार क्लब के अध्यक्ष खुशाल सिंह धर्मशक्तू, कांग्रेस नेता तारा पांगती, भाजपा महामंत्री मनोहर दरियाल, देवेंद्र देवा, ईश्वर कोरंगा, गोकर्ण पांगती, वीरू बुग्याल समेत तमाम लोग थे। विवेकानंद विद्या मंदिर की बालिकाओं ने स्वागत गीत पेश किया।