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Pithoragarh News: प्रसव के लिए 60 से 80 किमी की दौड़
Wed, 24 Jan 2024 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 24 Jan 2024 11:22 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागीचौरा में महिला चिकित्सक नहीं होने से गर्भवतियों की जांच और प्रसव नहीं हो पाता है। प्रसव के लिए महिलाओं को 60 से 80 किलोमीटर दूर डीडीहाट या पिथौरागढ़ जाना पड़ता है।
भागीचौरा, पसमा, औलतड़ी सहित क्षेत्र की आठ ग्राम सभाओं की सात हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए भागीचौरा में पीएचसी खोला गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत डाॅक्टरों के तीन पदों में से मात्र एक डॉक्टर ही अस्पताल में तैनात हैं। इस अस्पताल में महिला डॉक्टर की नियुक्ति आज तक नहीं हुई है।
ऐसे में गर्भवतियों को जांच के लिए डीडीहाट या पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी प्रसव के समय होती है। प्रसव पीड़ा होने पर लंबा सफर करना पड़ता है। राज्य आंदोलनकारी भरत ऐरी का कहना है कि अस्पताल में महिला चिकित्सक की नियुक्ति न होने से महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियाें का सामना करना पड़ता है। चिकित्सा विभाग को अस्पताल में जल्द महिला चिकित्सक की नियुक्ति करनी चाहिए।
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कोट
जिले के हर अस्पताल में डाॅक्टरों की कमी है। खाली पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। - एचएस ह्यांकी, मुख्य चिकित्साधिकारी, पिथौरागढ़।
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भागीचौरा, पसमा, औलतड़ी सहित क्षेत्र की आठ ग्राम सभाओं की सात हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए भागीचौरा में पीएचसी खोला गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत डाॅक्टरों के तीन पदों में से मात्र एक डॉक्टर ही अस्पताल में तैनात हैं। इस अस्पताल में महिला डॉक्टर की नियुक्ति आज तक नहीं हुई है।
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ऐसे में गर्भवतियों को जांच के लिए डीडीहाट या पिथौरागढ़ जाना पड़ता है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी प्रसव के समय होती है। प्रसव पीड़ा होने पर लंबा सफर करना पड़ता है। राज्य आंदोलनकारी भरत ऐरी का कहना है कि अस्पताल में महिला चिकित्सक की नियुक्ति न होने से महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियाें का सामना करना पड़ता है। चिकित्सा विभाग को अस्पताल में जल्द महिला चिकित्सक की नियुक्ति करनी चाहिए।
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जिले के हर अस्पताल में डाॅक्टरों की कमी है। खाली पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। - एचएस ह्यांकी, मुख्य चिकित्साधिकारी, पिथौरागढ़।