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दो किमी के लिए 60 किमी का फेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Updated Sun, 12 Aug 2018 10:26 PM IST
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गणाईगंगोली में क्षतिग्रस्त पुल
- फोटो : अमर उजाला
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गणाईगंगोली में 18 माह पहले क्षतिग्रस्त मोटर पुल के स्थान पर नया पुल नहीं बनाया जा सका है। इस कारण यहां के लोगों को दो किमी की दूरी पर स्थित अपने गांव पहुंचने के लिए 60 किमी का फेरा लगाना पड़ रहा है। पूर्व विधायक नारायण राम ने दो माह में पुल का निर्माण शुरू नहीं होने पर जनता के साथ आंदोलन करने का एलान किया है।
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गणाईगंगोली में रामपुर से नियोलिया सेरा, ग्वासीकोट आदि क्षेत्रों को जोड़ने वाला पुल 18 माह पहले दो ट्रकों के गुजरने के दौरान धराशाई हो गया था। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। घटना के समय डीएम ने लोनिवि को छह माह के अंदर नया पुल बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक पुल नहीं बन सका है। वर्तमान में पुल एवं सड़क का जिम्मा वर्ल्ड बैंक के पास है। पुल के स्थान पर वाहनों की आवाजाही के लिए नदी में दीवार के ऊपर लोहे के गार्डर डालकर व्यवस्था की गई थी।
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बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी गार्डरों के ऊपर से बह रहा है। ऐसे में दो माह से वाहनों का संचालन बंद है। वाहनों से गांव तक जाने के लिए लोगों को सेराघाट-राईआगर होते हुए 60 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। पुल नहीं होने से स्कूली बच्चे भी परेशान हैं। लोगों की आवाजाही के लिए ट्राली भी लगाई गई है, लेकिन स्कूली बच्चे ट्राली से नदी पार करने में डरते हैं।
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पुल की डीपीआर तैयार कर ली गई है। एक माह के भीतर टेंडर आमंत्रित कर दिया जाएगा। जल्दी पुल का निर्माण हो जाएगा। -रियन पांडेय, अधीक्षण अभियंता, वर्ल्ड बैंक