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हिमपात के बाद निकली धूप तो खिले चेहरे
Updated Fri, 14 Dec 2018 10:48 PM IST
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पिथौरागढ़। दो दिन के कड़ाके की ठंड के बाद जब शुक्रवार सुबह सूरज की किरणें निकली तो लोगों के चेहरे भी खिल उठे। हालांकि दोपहर में बादल और सूरज के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा।
सीमांत के उच्च हिमालयी क्षेत्र के साथ ही मुनस्यारी, कालामुनि, रातापानी, छिपलाकेदार में जहां काफी हिमपात हुआ, वहीं ध्वज और थलकेदार में भी बर्फबारी हुई। इस दौरान जिले के अधिकतर स्थानों पर रिमझिम बारिश हुई। इससे समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। बारिश को गेहूं और अन्य फसलों के लिए लाभदायक बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार रात आसमान साफ रहने से सुबह के समय खेतों में पाले की सफेद चादर बिछी हुई थी।
शुक्रवार सुबह आसमान बादलों से पटा था और घाटी वाले क्षेत्रों में कोहरा लगा था। हालांकि, सवा आठ बजे सूरज की किरणें निकल आईं। धूप खिलते ही लोगों के चेहरे भी खिल उठे। पिछले दो दिन से बाजार में पसरा सन्नाटा भी दूर हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही के चलते चहल-पहल बनी रही।
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सीमांत के उच्च हिमालयी क्षेत्र के साथ ही मुनस्यारी, कालामुनि, रातापानी, छिपलाकेदार में जहां काफी हिमपात हुआ, वहीं ध्वज और थलकेदार में भी बर्फबारी हुई। इस दौरान जिले के अधिकतर स्थानों पर रिमझिम बारिश हुई। इससे समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। बारिश को गेहूं और अन्य फसलों के लिए लाभदायक बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार रात आसमान साफ रहने से सुबह के समय खेतों में पाले की सफेद चादर बिछी हुई थी।
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शुक्रवार सुबह आसमान बादलों से पटा था और घाटी वाले क्षेत्रों में कोहरा लगा था। हालांकि, सवा आठ बजे सूरज की किरणें निकल आईं। धूप खिलते ही लोगों के चेहरे भी खिल उठे। पिछले दो दिन से बाजार में पसरा सन्नाटा भी दूर हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही के चलते चहल-पहल बनी रही।
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