{"_id":"5b3fa5654f1c1bb9248b4ee7","slug":"41530897765-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रातीगाड़ ने रोकी भैंसखाल के बच्चों की राह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रातीगाड़ ने रोकी भैंसखाल के बच्चों की राह
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाचनी (पिथौरागढ़)। रातीगाड़ में भूस्खलन से रास्ता ध्वस्त होने से भैंसखाल के 24 बच्चे शुक्रवार को स्कूल नहीं जा पाए। शिक्षक-शिक्षिकाएं भी जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंचने को विवश हैं।
रातीगाड़ में पहाड़ी दरकने से सड़क, रास्ता बह गया है। भैंसखाल के गांव के 15 बच्चे जूनियर हाईस्कूल और नौ बच्चे प्राथमिक विद्यालय लोधियाबगड़ में पढ़ते हैं। मुनस्यारी क्षेत्र में अतिवृष्टि के चलते विद्यालय बृहस्पतिवार को ही खुले हैं। रातीगाड़ में भूस्खलन और पहाड़ी दरकने से सड़क 60 मीटर रामगंगा में समा गई है।
सड़क खोलने के लिए लोनिवि की टीम जुटी है। जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका कमला रावत और प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक प्रेम राम ने बताया कि बरसात में यदि यही स्थिति रही तो भैंसखाल पंचायत भवन में कक्षाएं संचालित करने की अनुमति खंड शिक्षाधिकारी मुनस्यारी से लेने की कार्यवाही की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रातीगाड़ में पहाड़ी दरकने से सड़क, रास्ता बह गया है। भैंसखाल के गांव के 15 बच्चे जूनियर हाईस्कूल और नौ बच्चे प्राथमिक विद्यालय लोधियाबगड़ में पढ़ते हैं। मुनस्यारी क्षेत्र में अतिवृष्टि के चलते विद्यालय बृहस्पतिवार को ही खुले हैं। रातीगाड़ में भूस्खलन और पहाड़ी दरकने से सड़क 60 मीटर रामगंगा में समा गई है।
विज्ञापन
सड़क खोलने के लिए लोनिवि की टीम जुटी है। जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका कमला रावत और प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक प्रेम राम ने बताया कि बरसात में यदि यही स्थिति रही तो भैंसखाल पंचायत भवन में कक्षाएं संचालित करने की अनुमति खंड शिक्षाधिकारी मुनस्यारी से लेने की कार्यवाही की जा रही है।
विज्ञापन