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30 हजार श्रद्धालुओं ने किए माता त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन
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नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के बैतड़ी जिले में स्थित प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी का मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। बृहस्पतिवार को 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर पूजा अर्चना की। भारत से भी काफी संख्या में श्रद्धालु मेले में शामिल हुए। मेले में 80 भैंसों के अलावा बड़ी संख्या में बकरों की बलि दी गई।
त्रिपुरा सुंदरी का मेला बुधवार को शुरू हुआ था। मेला देखने के लिए नेपाल के कोने-कोने से लेकर सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग बैतड़ी गए थे। मुख्य मेले में बृहस्पतिवार सुबह देवी का डोला उठा। इसके बाद यह डोला कापड़ीगांव गया। कापड़ीगांव को देवी का मायका माना जाता है। वहां पर पूजा अर्चना के बाद डोला वापस मंदिर लाया गया और परिक्रमा की गई।
इस दौरान पूरा मेला स्थल माता के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद परिसर में 80 भैंसों के अलावा बकरों की बलि दी गई। मनौती पूरी होने पर हर साल मेले में लोग पशुबलि देने पहुंचते हैं। इससे पहले बुधवार रात मंदिर में भजन-कीर्तन हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने मनोकामना पूरी करने के लिए रात्रि जागरण किया। मेले में बड़ी संख्या में दुकानें भी लगी थीं। इन दुकानों से श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। मेले में सुरक्षा के लिए बैतड़ी जिला प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था की थी। पुलिस, सशस्त्र बल और नेपाल सेना के जवान मेला परिसर में तैनात किए गए थे।
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झूलाघाट बाजार में भी रही भीड़
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी में मेला होने से झूलाघाट कस्बे में भी भीड़ रही। इस मेले में भारत से भी बड़ी संख्या में लोग गए थे। पिछले दिनों से आवागमन बढ़ने से काली नदी किनारे स्थित झूलाघाट और नेपाल के जुलाघाट में काफी रौनक रही। संवाद
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त्रिपुरा सुंदरी का मेला बुधवार को शुरू हुआ था। मेला देखने के लिए नेपाल के कोने-कोने से लेकर सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग बैतड़ी गए थे। मुख्य मेले में बृहस्पतिवार सुबह देवी का डोला उठा। इसके बाद यह डोला कापड़ीगांव गया। कापड़ीगांव को देवी का मायका माना जाता है। वहां पर पूजा अर्चना के बाद डोला वापस मंदिर लाया गया और परिक्रमा की गई।
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इस दौरान पूरा मेला स्थल माता के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद परिसर में 80 भैंसों के अलावा बकरों की बलि दी गई। मनौती पूरी होने पर हर साल मेले में लोग पशुबलि देने पहुंचते हैं। इससे पहले बुधवार रात मंदिर में भजन-कीर्तन हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने मनोकामना पूरी करने के लिए रात्रि जागरण किया। मेले में बड़ी संख्या में दुकानें भी लगी थीं। इन दुकानों से श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। मेले में सुरक्षा के लिए बैतड़ी जिला प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था की थी। पुलिस, सशस्त्र बल और नेपाल सेना के जवान मेला परिसर में तैनात किए गए थे।
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झूलाघाट बाजार में भी रही भीड़
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के त्रिपुरा सुंदरी में मेला होने से झूलाघाट कस्बे में भी भीड़ रही। इस मेले में भारत से भी बड़ी संख्या में लोग गए थे। पिछले दिनों से आवागमन बढ़ने से काली नदी किनारे स्थित झूलाघाट और नेपाल के जुलाघाट में काफी रौनक रही। संवाद