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बेटियों से भेदभाव की जांच को समिति गठित
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:20 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले के मूनाकोट विकासखंड में मासिक धर्म के दौरान बेटियों से भेदभाव की खबर के बाद अब प्रशासन नींद से जागा है। मासिक धर्म के दौरान स्कूल परिसर के पास मंदिर होने से छात्राओं को स्कूल नहीं भेजने का संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने जांच समिति का गठन किया है। समिति के सदस्य तीन दिसंबर को सल्ला चिंगरी क्षेत्र में पहुंच मामले की जांच करेंगे।
अमर उजाला ने 27 अक्तूबर को ‘सीमांत के कुछ गांव बेटियों से कर रहे भेदभाव’ की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। दरअसल, अक्तूबर में नैनीताल की महिलाओं के एक जागरूक दल ने जौलजीबी से पंचेश्वर तक पदयात्रा की। इस दौरान सौरिया गांव में वार्ता के दौरान महिलाओं को पता चला कि क्षेत्र की अधिकतर छात्राएं पढ़ाई नहीं कर पाती हैं।
वजह पूछने पर पता चला कि जिस स्थान पर इंटर कॉलेज है, वहीं देवता का मंदिर है। माहवारी के दिनों में लड़कियों के उस स्थान से गुजरने पर पाबंदी है। दल में शामिल कुमाऊं विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. उमा भट्ट और अन्य महिलाओं को इस पर काफी आश्चर्य हुआ।
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अमर उजाला ने पिथौरागढ़ जिले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर और मुख्य विकास अधिकारी वंदना को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया। अब इस मामले में उन्होंने एसडीएम एसके पांडेय की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर दी है।
समिति में मुख्य शिक्षाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस एवं परामर्शदाता निर्भया प्रकोष्ठ को नामित किया गया है। उन्होंने समिति के सदस्यों को निर्देश दिए कि तीन दिसंबर को राइंका सल्ला चिंगरी में तथ्यों की जांच करेंगे। इस दौरान स्थानीय नागरिकों, मंदिर समिति के सदस्यों और अभिभावकों से वार्ता कर जांच आख्या पांच दिसंबर तक उपलब्ध कराएंगे।
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अमर उजाला ने 27 अक्तूबर को ‘सीमांत के कुछ गांव बेटियों से कर रहे भेदभाव’ की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। दरअसल, अक्तूबर में नैनीताल की महिलाओं के एक जागरूक दल ने जौलजीबी से पंचेश्वर तक पदयात्रा की। इस दौरान सौरिया गांव में वार्ता के दौरान महिलाओं को पता चला कि क्षेत्र की अधिकतर छात्राएं पढ़ाई नहीं कर पाती हैं।
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वजह पूछने पर पता चला कि जिस स्थान पर इंटर कॉलेज है, वहीं देवता का मंदिर है। माहवारी के दिनों में लड़कियों के उस स्थान से गुजरने पर पाबंदी है। दल में शामिल कुमाऊं विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. उमा भट्ट और अन्य महिलाओं को इस पर काफी आश्चर्य हुआ।
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अमर उजाला ने पिथौरागढ़ जिले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर और मुख्य विकास अधिकारी वंदना को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया। अब इस मामले में उन्होंने एसडीएम एसके पांडेय की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर दी है।
समिति में मुख्य शिक्षाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस एवं परामर्शदाता निर्भया प्रकोष्ठ को नामित किया गया है। उन्होंने समिति के सदस्यों को निर्देश दिए कि तीन दिसंबर को राइंका सल्ला चिंगरी में तथ्यों की जांच करेंगे। इस दौरान स्थानीय नागरिकों, मंदिर समिति के सदस्यों और अभिभावकों से वार्ता कर जांच आख्या पांच दिसंबर तक उपलब्ध कराएंगे।