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सड़क के लिए अनशन पर अडिग हैं लोग
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:08 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सड़क स्वीकृत होने के बाद निर्माण न होने से गुस्साए जाखनी, भामा, पाभें के लोगों का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंचल सिंह दूसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे। रविवार को उनके साथ चार और लोग अनशन पर बैठे। संघर्ष समिति ने सड़क का काम शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
अनशन स्थल पर जोरदार नारेबाजी के बीच मणकनाली-पाभें मोटर मार्ग संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंचल सिंह, कैलाश महरा, दिनेश पंत, मनोज उप्रेती, चंद्र सिंह भंडारी को फूल माला पहनाकर क्रमिक अनशन पर बैठाया गया। अनशन स्थल पर हुई सभा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंचल सिंह, संरक्षक पुष्कर सिंह भंडारी ने कहा कि सड़क स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण न कर जाखनी, भामा, पाभें के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। 7.2 किमी मणकनाली-जाखनी-पाभें सड़क के लिए वर्ष 2016 में टेंडर हो गए हैं, लेकिन पीएमजीएसवाई डिवीजन अब तक वन भूमि का निस्तारण नहीं करा पाया।
कहा कि सड़क का निर्माण न होने से इलाके की 9000 आबादी को 6 से 9 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को सड़क तक लाने में काफी परेशानी होती हैं। अनशनकारियों के समर्थन में संघर्ष समिति के संरक्षक भंडारी, पूरन सिंह भंडारी, धन सिंह मेहता, प्रमोद महरा, ललित बोरा, कैलाश उप्रेती, ललिता प्रसाद उप्रेती ने धरना दिया।
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धार्मिक स्थलों का नहीं हो पा रहा विकास
जाखनी, पाभें क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के लिए विख्यात है। जाखनी गांव में आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज द्वारा आठवीं शताब्दी के अंत में स्थापित मां वैष्णवी का मंदिर है। इस मंदिर की इलाके में बड़ी मान्यता है। पाभें गांव में प्राचीन सूर्य मंदिर है। भामा क्षेत्र में गुप्तगंगा और शैलेश्वर गुफा है। रोज इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन सड़क न होने से यह स्थल विकसित नहीं हो पाए हैं।
मातृशक्ति गुस्से में
स्वीकृत सड़क न बनने से मातृशक्ति में सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। भामा की प्रधान हेमा भंडारी, जाखनी की प्रधान विमला भंडारी, पाभें की प्रधान मुन्नी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य गोविंदी देवी कहती है कि सरकार ने आजादी के 70 साल बाद इलाके के लिए सड़क मंजूर की, लेकिन अब तक उसका निर्माण नहीं किया जाना इलाके के लोगों के साथ अन्याय है। क्षेत्र के लोगों ने इसी उपेक्षा के चलते 2017 के विधानसभा चुनावों का बहिष्कार किया था।
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अनशन स्थल पर जोरदार नारेबाजी के बीच मणकनाली-पाभें मोटर मार्ग संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंचल सिंह, कैलाश महरा, दिनेश पंत, मनोज उप्रेती, चंद्र सिंह भंडारी को फूल माला पहनाकर क्रमिक अनशन पर बैठाया गया। अनशन स्थल पर हुई सभा में संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंचल सिंह, संरक्षक पुष्कर सिंह भंडारी ने कहा कि सड़क स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण न कर जाखनी, भामा, पाभें के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। 7.2 किमी मणकनाली-जाखनी-पाभें सड़क के लिए वर्ष 2016 में टेंडर हो गए हैं, लेकिन पीएमजीएसवाई डिवीजन अब तक वन भूमि का निस्तारण नहीं करा पाया।
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कहा कि सड़क का निर्माण न होने से इलाके की 9000 आबादी को 6 से 9 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को सड़क तक लाने में काफी परेशानी होती हैं। अनशनकारियों के समर्थन में संघर्ष समिति के संरक्षक भंडारी, पूरन सिंह भंडारी, धन सिंह मेहता, प्रमोद महरा, ललित बोरा, कैलाश उप्रेती, ललिता प्रसाद उप्रेती ने धरना दिया।
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धार्मिक स्थलों का नहीं हो पा रहा विकास
जाखनी, पाभें क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के लिए विख्यात है। जाखनी गांव में आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज द्वारा आठवीं शताब्दी के अंत में स्थापित मां वैष्णवी का मंदिर है। इस मंदिर की इलाके में बड़ी मान्यता है। पाभें गांव में प्राचीन सूर्य मंदिर है। भामा क्षेत्र में गुप्तगंगा और शैलेश्वर गुफा है। रोज इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन सड़क न होने से यह स्थल विकसित नहीं हो पाए हैं।
मातृशक्ति गुस्से में
स्वीकृत सड़क न बनने से मातृशक्ति में सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। भामा की प्रधान हेमा भंडारी, जाखनी की प्रधान विमला भंडारी, पाभें की प्रधान मुन्नी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य गोविंदी देवी कहती है कि सरकार ने आजादी के 70 साल बाद इलाके के लिए सड़क मंजूर की, लेकिन अब तक उसका निर्माण नहीं किया जाना इलाके के लोगों के साथ अन्याय है। क्षेत्र के लोगों ने इसी उपेक्षा के चलते 2017 के विधानसभा चुनावों का बहिष्कार किया था।