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खाल तस्कर को तीन वर्ष का सश्रम कारावास
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:04 PM IST
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पिथौरागढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलदीप शर्मा की अदालत ने एक खाल तस्कर को मंगलवार को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जिला शासकीय अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने बताया कि एसटीएफ की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर छह जनवरी 2017 को डीडीहाट के जाखधौलेत गांव निवासी जगदीश सिंह गैड़ा के कब्जे से मड़मानले तिराहे के पास तेंदुए की दो खालें बरामद की थी। जगदीश सिंह का साथी डीडीहाट के आंकोट गांव निवासी हेमंत सिंह खड़ायत मौके से भाग गया था।
एसटीएम की इस टीम में उपनिरीक्षक एनके भट्ट, कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, महेंद्र गिरी, किशोर कुमार, दुर्गा सिंह और वीरेंद्र सिंह शामिल थे। पकड़ी गई खालों को परीक्षण के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून भेजा गया, वहां से खालों के तेंदुए की होने संबंधी पुष्टि हुई। इस मामले की विवेचना वन विभाग के उपखंड अधिकारी एमएम भट्ट ने की।
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अभियोजन पक्ष ने गवाह के तौर पर वन विभाग के रेंज अधिकारी दिनेश जोशी, वन रक्षक कैलाश सिंह, एसडीओ अनिल श्रीवास्तव, पुलिस कांस्टेबल आन सिंह महरा समेत एसटीएफ की टीम को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी जगदीश सिंह को सजा सुना दी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने बताया कि एसटीएफ की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर छह जनवरी 2017 को डीडीहाट के जाखधौलेत गांव निवासी जगदीश सिंह गैड़ा के कब्जे से मड़मानले तिराहे के पास तेंदुए की दो खालें बरामद की थी। जगदीश सिंह का साथी डीडीहाट के आंकोट गांव निवासी हेमंत सिंह खड़ायत मौके से भाग गया था।
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एसटीएम की इस टीम में उपनिरीक्षक एनके भट्ट, कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, महेंद्र गिरी, किशोर कुमार, दुर्गा सिंह और वीरेंद्र सिंह शामिल थे। पकड़ी गई खालों को परीक्षण के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून भेजा गया, वहां से खालों के तेंदुए की होने संबंधी पुष्टि हुई। इस मामले की विवेचना वन विभाग के उपखंड अधिकारी एमएम भट्ट ने की।
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अभियोजन पक्ष ने गवाह के तौर पर वन विभाग के रेंज अधिकारी दिनेश जोशी, वन रक्षक कैलाश सिंह, एसडीओ अनिल श्रीवास्तव, पुलिस कांस्टेबल आन सिंह महरा समेत एसटीएफ की टीम को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी जगदीश सिंह को सजा सुना दी।