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आंवलाघाट पेयजल योजना में पत्थर निकलने की उच्चस्तरीय जांच की जाय:पंत
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:05 AM IST
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पिथौरागढ़। बीते दिनों आंवलाघाट पेयजल योजना की पाइपलाइन में पत्थर निकलने की घटना पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। पार्टी जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने पूरी घटना की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रेटी जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने लगभग एक अरब की धनरशि से शहर में पेयजल किल्लत दूर करने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। यह योजना पूर्व विधायक मयूख महर का डीम प्रोजक्ट भी था। आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि भाजपा जानबूझ कर कांग्रेस की इस महत्वाकांक्षी योजना को फ्लॉप करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि पहले बिना ट्रायल के एक अरब की इस योजना का जल्दबाजी में इसका उद्घाटन हुआ। गंदा पानी आने पर विभाग को किरकिरी झेलनी पड़ी। पेयजल के असमान वितरण के बाद अब योजना के पाइप लाइन में पत्थर आने का खुलासा विभाग कर रहा है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदारी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन भाजपा ने इस पूरे मामले और योजना को शुरू करने में जिस तरह से जल्दबाजी दिखाई है उससे उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने लगभग एक अरब की धनरशि से शहर में पेयजल किल्लत दूर करने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। यह योजना पूर्व विधायक मयूख महर का डीम प्रोजक्ट भी था। आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि भाजपा जानबूझ कर कांग्रेस की इस महत्वाकांक्षी योजना को फ्लॉप करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि पहले बिना ट्रायल के एक अरब की इस योजना का जल्दबाजी में इसका उद्घाटन हुआ। गंदा पानी आने पर विभाग को किरकिरी झेलनी पड़ी। पेयजल के असमान वितरण के बाद अब योजना के पाइप लाइन में पत्थर आने का खुलासा विभाग कर रहा है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदारी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन भाजपा ने इस पूरे मामले और योजना को शुरू करने में जिस तरह से जल्दबाजी दिखाई है उससे उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
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