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हादसे को दावत दे रहा स्कूल भवन
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:05 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। प्राथमिक पाठशाला ध्यूड़थामा (बुंगली) कभी भी हादसे को दावत दे सकता है। विद्यालय भवन निर्माण के 16 साल में ही जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। हालात यह हैं कि बरसात में स्कूल बंद रखना पड़ता है। लोगों ने जर्जर भवन का मामला एक बार फिर शिक्षा महकमे के सामने उठाया है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष पूरन सिंह, खीम सिंह, चंद्र सिंह, शेर सिंह, दान सिंह, गोविंद सिंह आदि ने मुख्य शिक्षाधिकारी को भेजे पत्र में स्कूल भवन की दुर्दशा का मामला उठाया है। इन लोगों ने कहा कि वर्ष 2002 में बना विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने के कगार पर पहुंच गया है। भवन की छत टपकती है। बरसात में विद्यालय का संचालन नहीं हो पाता है। बच्चों को छुट्टी देनी पड़ती है।
कहा कि स्कूल के 45 और आंगनबाड़ी के 18 बच्चे भी इसी भवन में पढ़ाई करते हैं। क्षतिग्रस्त हो रहा विद्यालय भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। खंड शिक्षाधिकारी किशोर पंत ने कहा कि विद्यालय भवन के लिए धन आवंटित करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
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शौचालय तक नहीं
तहसील के इस दूरस्थ स्थित स्कूल की अनदेखी ही कही जाएगी कि विद्यालय में एक अदद शौचालय तक शिक्षा विभाग नहीं बना पाया है। शौचालय के अभाव में विद्यार्थी खुले में शौच के लिए जाते हैं। गांव के लोगों ने शौचालय का निर्माण न होने पर रोष जताया है।
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स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष पूरन सिंह, खीम सिंह, चंद्र सिंह, शेर सिंह, दान सिंह, गोविंद सिंह आदि ने मुख्य शिक्षाधिकारी को भेजे पत्र में स्कूल भवन की दुर्दशा का मामला उठाया है। इन लोगों ने कहा कि वर्ष 2002 में बना विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने के कगार पर पहुंच गया है। भवन की छत टपकती है। बरसात में विद्यालय का संचालन नहीं हो पाता है। बच्चों को छुट्टी देनी पड़ती है।
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कहा कि स्कूल के 45 और आंगनबाड़ी के 18 बच्चे भी इसी भवन में पढ़ाई करते हैं। क्षतिग्रस्त हो रहा विद्यालय भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। खंड शिक्षाधिकारी किशोर पंत ने कहा कि विद्यालय भवन के लिए धन आवंटित करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
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शौचालय तक नहीं
तहसील के इस दूरस्थ स्थित स्कूल की अनदेखी ही कही जाएगी कि विद्यालय में एक अदद शौचालय तक शिक्षा विभाग नहीं बना पाया है। शौचालय के अभाव में विद्यार्थी खुले में शौच के लिए जाते हैं। गांव के लोगों ने शौचालय का निर्माण न होने पर रोष जताया है।