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प्लास्टिक कचरे का निस्तारण न होने पर न्यायालय में दायर करेंगे जनहित याचिका
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पिथौरागढ़। सोसायटी फार एक्शन इन हिमालया (सोच) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जिले की तीन नगर पालिका परिषद और दो नगर पंचायतों में पॉलिथीन, प्लास्टिक, रबर को जलाने पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा है कि कूड़ा निस्तारण निकायों की जिम्मेदारी है। कूड़े को जलाकर वायुमंडल में प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
सोच संस्था के अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने कहा है कि आज प्लास्टिक कचरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस जहरीले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था की जानी चाहिए, जबकि इसे जलाया जा रहा है। इस अजैविक कूड़े को जलाने से हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। जलने से निकलने वाली गैसों से धरती का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
मौसम चक्र पर भी इसका असर पड़ रहा है। हिमालयी क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन पर इसका अधिक बुरा असर पड़ रहा है। मर्तोलिया ने कहा है कि एक माह के भीतर अगर निकायों ने कूड़ा जलाने की जगह इसके अंतिम निस्तारण की व्यवस्था नहीं की तो उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
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सोच संस्था के अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने कहा है कि आज प्लास्टिक कचरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस जहरीले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था की जानी चाहिए, जबकि इसे जलाया जा रहा है। इस अजैविक कूड़े को जलाने से हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। जलने से निकलने वाली गैसों से धरती का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
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मौसम चक्र पर भी इसका असर पड़ रहा है। हिमालयी क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन पर इसका अधिक बुरा असर पड़ रहा है। मर्तोलिया ने कहा है कि एक माह के भीतर अगर निकायों ने कूड़ा जलाने की जगह इसके अंतिम निस्तारण की व्यवस्था नहीं की तो उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
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