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बेड़ीनाग में गहराया पेयजल संकट
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। गर्मी बढ़ते ही बेड़ीनाग में पेयजल संकट गहरा गया है। पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान ने टैंकर लगाए हैं लेकिन सभी लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। दो दशक पहले बनी गोरघटिया पेयजल योजना सफेद हाथी साबित हो गई है।
गोरघटिया पंपिंग पेयजल योजना वर्ष 1994 में बनी। उस समय बेड़ीनाग में 60 कनेक्शन थे और झलतोला योजना से भी पानी मिल रहा था। अब बेड़ीनाग की आबादी 10 हजार के आसपास पहुंच चुकी है। बेड़ीनाग में 1400 कनेक्शन हो गए है। झलतोला जल श्रोत का पानी भी कम हो गया है। नगर में आबादी बढ़ने से पानी की काफी कमी हो गई है। आलम यह है कि लोगों को सप्ताह में एक दिन पानी नसीब हो रहा है। चौकोड़ी, उडियारी, कांडे किरोली, देवीनगर, त्रिपुरादेवी, भट्टीगांव, राईआगर समेत कई गांवों के लोग पेयजल की कमी से जूझ रहे हैं।
पेयजल समस्या के निराकरण के लिए सरकार ने 2015 में 13.53 करोड़ की लागत से गोरघटिया से नई पंपिंग योजना को मंजूरी दी। इस योजना का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता अनूप पांडे ने बताया कि नई योजना का काम लगभग पूरा हो चुका है। बिजली कनेक्शन के लिए विभाग रकम जमा करा चुका है। बिजली मिल जाए तो सितंबर से योजना से पानी मिलने लगेगा।
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गोरघटिया पंपिंग पेयजल योजना वर्ष 1994 में बनी। उस समय बेड़ीनाग में 60 कनेक्शन थे और झलतोला योजना से भी पानी मिल रहा था। अब बेड़ीनाग की आबादी 10 हजार के आसपास पहुंच चुकी है। बेड़ीनाग में 1400 कनेक्शन हो गए है। झलतोला जल श्रोत का पानी भी कम हो गया है। नगर में आबादी बढ़ने से पानी की काफी कमी हो गई है। आलम यह है कि लोगों को सप्ताह में एक दिन पानी नसीब हो रहा है। चौकोड़ी, उडियारी, कांडे किरोली, देवीनगर, त्रिपुरादेवी, भट्टीगांव, राईआगर समेत कई गांवों के लोग पेयजल की कमी से जूझ रहे हैं।
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पेयजल समस्या के निराकरण के लिए सरकार ने 2015 में 13.53 करोड़ की लागत से गोरघटिया से नई पंपिंग योजना को मंजूरी दी। इस योजना का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता अनूप पांडे ने बताया कि नई योजना का काम लगभग पूरा हो चुका है। बिजली कनेक्शन के लिए विभाग रकम जमा करा चुका है। बिजली मिल जाए तो सितंबर से योजना से पानी मिलने लगेगा।
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