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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में 120 बेड की क्षमता के अस्पताल में 155 मरीज भर्ती

Sat, 31 May 2025 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 31 May 2025 10:41 PM IST
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155 patients admitted in 120 bed capacity hospital in Pithoragarh
 जिला अस्पताल के बरामदे में बेड़ लगाकर उपचार करते भर्ती मरीज। संवाद
पिथौरागढ़। मौसम में आ रहे बदलाव से बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। बच्चे पीलिया, टायफायड तो बुजुर्ग निमोनिया सहित सांस की दिक्कत से जूझ रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। स्थिति यह है कि 120 बेड के अस्पताल में 155 मरीज भर्ती है। मरीजों को बरामदे में एडमिट कर उनका इलाज किया जा रहा है। फिजीशियन से लेकर सर्जन के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लग रही है।
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शनिवार को जिला अस्पताल में सुबह 10:30 बजे तक ही 400 मरीज पर्ची कटवाकर चिकित्सकों के कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। फिजिशियन और सर्जन के कक्षों के बाहर मरीजों की अधिक भीड़ रही। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बारिश के बाद बीमारियां बढ़ गई हैं। अधिकतर मरीज पीलिया, टायफाइड, निमोनिया और सांस की दिक्कत से परेशान होकर इलाज के लिए आ रहे हैं।
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कई मरीजों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भर्ती करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक 120 बेड के सापेक्ष अस्पताल में 155 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में बरामदे में बिस्तर लगाकर मरीजों का इलाज करना मजबूरी बन गया है। हालांकि मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं को सराहा। कहा कि बरामदे में ही सही पर इलाज बेहतर मिल रहा है। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी उनका हाल जानने के लिए समय-समय पर पहुंच रहे हैं।
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दूषित पानी से बढ़ रहा पीलिया

अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक हर आयु वर्ग के लोग पीलिया और टायफायड की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल के बच्चा वार्ड में अधिकतर बच्चे पीलिया, टाईफाइड और निमोनिया से ग्रसित हैं। चिकित्सकों ने कहा कि दूषित पानी इन रोगों का प्रमुख कारण है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जल स्रोत दूषित हो चुके हैं। नगर के कई जल स्रोतों पर जल निगम और जल संस्थान ने चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। डॉक्टर मरीजों को शुद्ध पानी और खाद्य पदार्थों के प्रयोग से ही इन रोगों से बचा जा सकता है।

कोट
मौसम में बदलाव से बीमारी बढ़ रही है। जिला अस्पताल में भी मरीजों का दबाव बढ़ा है। बेड फुल होने से बरामदे में बिस्तर लगाए गए हैं ताकि हर मरीज को बेहतर इलाज मिल सके। - डाॅ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल पिथौरागढ़

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