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आज पिता ने मातु विपिन का राज हमें दीन्हा
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:43 AM IST
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के बिषाड़, जाख, वड्डा के साथ ही अस्कोट और झूलाघाट में रामलीला जारी है।
बिषाड़ की रामलीला में राम वनवास हुआ। राजा दशरथ के मनाने के बाद भी जब कैकई नहीं मानती है तो राजा दशरथ राम को वनवास दे देते हैं। रानी कौशल्या से वन गमन की आज्ञा लेते हुए भगवान राम कहते हैं-आज पिता ने मातु विपिन का राज हमें दीन्हा। जाख की रामलीला में वनवास की लीला दिखाई गई। राम-सीता, राम-लक्ष्मण, राम-कौशल्या संवाद का सुंदर मंचन किया गया। केवट के भगवान राम, लक्ष्मण, सीता को सरयू पार कराने तक के दृश्य दिखाए गए। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक राम चंद्र राजगुरु थे। वड्डा की रामलीला में सीता हरण की लीला दिखाई गई। सीता की खोज में निकले भगवान राम, लक्ष्मण की भक्त शबरी से मुलाकात होती है। शबरी सुग्रीव से मित्रता करने की सलाह देती है। मुख्य अतिथि निवर्तमान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, विशिष्ट अतिथि पीतांबर उप्रेती, सुभाष पांडे, एनएसयूआई के प्रदेश महामंत्री दीपक तिवारी दीनू, नीरज भंडारी, पूर्णानंद खर्कवाल, उपेंद्र खर्कवाल, भरत मेहता, रवि थरकोटी थे।
गंगोलीहाट। राम राज्याभिषेक के साथ हाट कालिका दरबार की रामलीला संपन्न हो गई है। इस दौरान महाकाली मंदिर परिसर स्थित रामलीला मैदान से राज्याभिषेक स्थल जान्हवी नौले तक भव्य झांकी निकाली गई। भरत मिलाप के बाद राम राज्याभिषेक किया गया।
अस्कोट। सीता हरण, शबरी आश्रम की लीला दिखाई गई। मुख्य अतिथि उप कोषाधिकारी श्याम सिंह वल्दिया थे। होशियार पाल हारमोनियम में देव राम, तबले में सुंदर राम संगत दे रहे हैं।
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झूलाघाट। यहां लंका दहन की लीला दिखाई गई। राज्याभिषेक के बाद जब सुग्रीव सीता की खोज में नहीं जुटता है तो लक्ष्मण सुग्रीव को धमकाने किष्कंध्या पहुंच जाते हैं। सुग्रीव क्षमा याचना करते हैं। भगवान राम के पास पहुंचकर वानरी सेना को सीता की खोज में भेजते हैं। हनुमान लंका जाकर सीता माता से भेंट करते हैं और रावण पुत्र अक्षय कुमार का वध कर लंका में आग लगा डालते हैं।
बिषाड़ की रामलीला में राम वनवास हुआ। राजा दशरथ के मनाने के बाद भी जब कैकई नहीं मानती है तो राजा दशरथ राम को वनवास दे देते हैं। रानी कौशल्या से वन गमन की आज्ञा लेते हुए भगवान राम कहते हैं-आज पिता ने मातु विपिन का राज हमें दीन्हा। जाख की रामलीला में वनवास की लीला दिखाई गई। राम-सीता, राम-लक्ष्मण, राम-कौशल्या संवाद का सुंदर मंचन किया गया। केवट के भगवान राम, लक्ष्मण, सीता को सरयू पार कराने तक के दृश्य दिखाए गए। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक राम चंद्र राजगुरु थे। वड्डा की रामलीला में सीता हरण की लीला दिखाई गई। सीता की खोज में निकले भगवान राम, लक्ष्मण की भक्त शबरी से मुलाकात होती है। शबरी सुग्रीव से मित्रता करने की सलाह देती है। मुख्य अतिथि निवर्तमान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, विशिष्ट अतिथि पीतांबर उप्रेती, सुभाष पांडे, एनएसयूआई के प्रदेश महामंत्री दीपक तिवारी दीनू, नीरज भंडारी, पूर्णानंद खर्कवाल, उपेंद्र खर्कवाल, भरत मेहता, रवि थरकोटी थे।
गंगोलीहाट। राम राज्याभिषेक के साथ हाट कालिका दरबार की रामलीला संपन्न हो गई है। इस दौरान महाकाली मंदिर परिसर स्थित रामलीला मैदान से राज्याभिषेक स्थल जान्हवी नौले तक भव्य झांकी निकाली गई। भरत मिलाप के बाद राम राज्याभिषेक किया गया।
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अस्कोट। सीता हरण, शबरी आश्रम की लीला दिखाई गई। मुख्य अतिथि उप कोषाधिकारी श्याम सिंह वल्दिया थे। होशियार पाल हारमोनियम में देव राम, तबले में सुंदर राम संगत दे रहे हैं।
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झूलाघाट। यहां लंका दहन की लीला दिखाई गई। राज्याभिषेक के बाद जब सुग्रीव सीता की खोज में नहीं जुटता है तो लक्ष्मण सुग्रीव को धमकाने किष्कंध्या पहुंच जाते हैं। सुग्रीव क्षमा याचना करते हैं। भगवान राम के पास पहुंचकर वानरी सेना को सीता की खोज में भेजते हैं। हनुमान लंका जाकर सीता माता से भेंट करते हैं और रावण पुत्र अक्षय कुमार का वध कर लंका में आग लगा डालते हैं।