{"_id":"59c008384f1c1b24688b5388","slug":"141505757240-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उचित पुनर्वास के बिना पंचेश्वर बांध परियोजना मंजूर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उचित पुनर्वास के बिना पंचेश्वर बांध परियोजना मंजूर नहीं
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पिथौरागढ़। पंचेश्वर बांध डूब क्षेत्र प्रभावित संघर्ष समिति ने सोमवार को डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि बिना समुचित पुनर्वास के यह बांध परियोजना मंजूर नहीं है। सरकार को बताना होगा कि प्रभावित लोगों का पुनर्वास करने के लिए उसने किस स्थान का चयन किया है। जनसुनवाई से नाराज संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी मामले में जनता को विश्वास में नहीं लिया गया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर भट्ट, उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष कमल चंद, संयुक्त मंत्री भूपेंद्र चंद ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि आधारित व्यवसाय से जुड़े लोगों को बांध का निर्माण शुरू होने से पहले पर्याप्त कृषि भूमि दी जाए। जिस स्थान पर लोगों को पुनर्वास कराया जाना है, उसका पहले निरीक्षण कराया जाए ताकि जगह उपयुक्त होने पर ही उसे स्वीकार किया जा सके। विस्थापन, पुनर्वास प्राधिकरण में संघर्ष समिति के लोगों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए। कहा गया कि विभिन्न माध्यमों से बांध को लेकर जनता के बीच जो भ्रम फैलाया जा रहा है, उसे तत्काल दूर किया जाए।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर भट्ट, उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष कमल चंद, संयुक्त मंत्री भूपेंद्र चंद ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि आधारित व्यवसाय से जुड़े लोगों को बांध का निर्माण शुरू होने से पहले पर्याप्त कृषि भूमि दी जाए। जिस स्थान पर लोगों को पुनर्वास कराया जाना है, उसका पहले निरीक्षण कराया जाए ताकि जगह उपयुक्त होने पर ही उसे स्वीकार किया जा सके। विस्थापन, पुनर्वास प्राधिकरण में संघर्ष समिति के लोगों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए। कहा गया कि विभिन्न माध्यमों से बांध को लेकर जनता के बीच जो भ्रम फैलाया जा रहा है, उसे तत्काल दूर किया जाए।
विज्ञापन