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धापा के 139 आपदा प्रभावित परिवार विस्थापन की मांग को लेकर लड़ेंगे आर-पार की लड़ाई
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विस्थापन की मांग को लेकर प्रदर्शन करते धापा के आपदा प्रभावित।
- फोटो : PITHORAGARH
मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। ग्राम पंचायत धापा के 139 परिवारों ने पुनर्वास के लिए अंतिम संघर्ष करने का मन बना लिया है। ग्रामीणों ने बैठक कर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा बनाई। इस दौरान आपदा से घर और खलिहान खो चुके 52 परिवारों के लिए अभी तक स्थायी निवास के लिए टिनशैड नहीं बनाए जाने पर लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी प्रकट की।
शुक्रवार को हुई बैठक में आपदा प्रभावितों ने कहा कि मानसूनकाल में सर्वाधिक नुकसान धापा गांव को हुआ था। आपदा के बाद से ये गांव रहने लायक नहीं बचे हैं। 139 परिवार भविष्य में खतरे की आशंका को देखते हुए अब इस गांव में नहीं रहना चाहते हैं। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि प्रभावितों ने आपदाकाल में ही सरकार और प्रशासन को इसकी जानकारी भी दी थी लेकिन आज किसी ने सुध नहीं ली है। ऐसे में आपदा प्रभावित भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
आपदा के दौरान 52 परिवारों ने स्कूल, पंचायत घर, सहकारी समिति भवन, आंगनबाड़ी आदि सरकारी भवनों में शरण ली थी। आज भी इन भवनों में आपदा प्रभावितों का सामान रखा हुआ है। बैठक में आपदा प्रभावितों ने टिनशैड बनाने, पुनर्वास के लिए 20 लाख रुपये का पैकेज देने, जमीन के लिए पशुपालन, उद्यान विभाग सहित वन विभाग भूमि दिए जाने की मांग को लेकर आरपार का संघर्ष करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा इसके लिए शीघ्र चरणबद्ध आंदोलन किए जाएंगे। वहां ग्राम प्रधान इंद्रा देवी, महिमन सिंह रिलकोटिया, मनीष जोशी, निर्मला जोशी, डौली दानू, अंजू धपवाल, हुक्म सिंह ढोकटी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को हुई बैठक में आपदा प्रभावितों ने कहा कि मानसूनकाल में सर्वाधिक नुकसान धापा गांव को हुआ था। आपदा के बाद से ये गांव रहने लायक नहीं बचे हैं। 139 परिवार भविष्य में खतरे की आशंका को देखते हुए अब इस गांव में नहीं रहना चाहते हैं। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि प्रभावितों ने आपदाकाल में ही सरकार और प्रशासन को इसकी जानकारी भी दी थी लेकिन आज किसी ने सुध नहीं ली है। ऐसे में आपदा प्रभावित भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
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आपदा के दौरान 52 परिवारों ने स्कूल, पंचायत घर, सहकारी समिति भवन, आंगनबाड़ी आदि सरकारी भवनों में शरण ली थी। आज भी इन भवनों में आपदा प्रभावितों का सामान रखा हुआ है। बैठक में आपदा प्रभावितों ने टिनशैड बनाने, पुनर्वास के लिए 20 लाख रुपये का पैकेज देने, जमीन के लिए पशुपालन, उद्यान विभाग सहित वन विभाग भूमि दिए जाने की मांग को लेकर आरपार का संघर्ष करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा इसके लिए शीघ्र चरणबद्ध आंदोलन किए जाएंगे। वहां ग्राम प्रधान इंद्रा देवी, महिमन सिंह रिलकोटिया, मनीष जोशी, निर्मला जोशी, डौली दानू, अंजू धपवाल, हुक्म सिंह ढोकटी मौजूद रहे।
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