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गंगोलीहाट विकासखंड में 15 प्राथमिक स्कूल जीर्ण-शीर्ण
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट विकासखंड के 15 प्राथमिक स्कूल जीर्णशीर्ण हाल में हैं। इन स्कूलों के भवनों का सुधार नहीं होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा बरसात में ऐसे स्कूलों के बच्चों को पंचायत घर या नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट करने की बात कही जा रही है।
गंगोलीहाट में 160 प्राथमिक स्कूल, जबकि 30 जूनियर हाईस्कूल हैं। 160 प्राथमिक स्कूलों में से 65 स्कूलों के भवन ठीक हालत में नहीं हैं। इनमें से 50 भवनों को लघु मरम्मत की जरूरत है, जबकि 15 भवन जीर्णशीर्ण हाल में हैं। इन भवनों की छत और दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। इससे नन्हें मुन्ने बच्चों और शिक्षकों के साथ हादसा होने का खतरा रहता है।
प्राथमिक पाठशाला कमद पांच अगस्त 2018 को ध्वस्त हो गया था। तब से इस विद्यालय की पांच कक्षाएं आंगनबाड़ी केंद्र के एक कक्ष में चल रही हैं। अपना भवन नहीं होने से 27 बच्चों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ध्यूड़खामा प्राथमिक पाठशाला भी खस्ताहाल है। इस स्कूल के 41 बच्चे बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। अन्य विद्यालयों की भी यही स्थिति है। मौसम साफ होने पर बरामदे या कक्षा कक्षों में पठन-पाठन होता है। बारिश होने पर बैठने के लिए स्थान नहीं मिलता है।
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गंगोलीहाट में 160 प्राथमिक स्कूल, जबकि 30 जूनियर हाईस्कूल हैं। 160 प्राथमिक स्कूलों में से 65 स्कूलों के भवन ठीक हालत में नहीं हैं। इनमें से 50 भवनों को लघु मरम्मत की जरूरत है, जबकि 15 भवन जीर्णशीर्ण हाल में हैं। इन भवनों की छत और दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। इससे नन्हें मुन्ने बच्चों और शिक्षकों के साथ हादसा होने का खतरा रहता है।
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प्राथमिक पाठशाला कमद पांच अगस्त 2018 को ध्वस्त हो गया था। तब से इस विद्यालय की पांच कक्षाएं आंगनबाड़ी केंद्र के एक कक्ष में चल रही हैं। अपना भवन नहीं होने से 27 बच्चों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ध्यूड़खामा प्राथमिक पाठशाला भी खस्ताहाल है। इस स्कूल के 41 बच्चे बरामदे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। अन्य विद्यालयों की भी यही स्थिति है। मौसम साफ होने पर बरामदे या कक्षा कक्षों में पठन-पाठन होता है। बारिश होने पर बैठने के लिए स्थान नहीं मिलता है।
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