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आंवलाघाट की आस में बुझ रही प्यास
Updated Tue, 30 Jan 2018 10:53 PM IST
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पिथौरागढ़। करीब एक लाख की जनसंख्या वाले पिथौरागढ़ शहर और आसपास के गांवों की जनता दो दशक से पानी का गंभीर संकट झेल रही है। नगर के लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। इस जाड़े के मौसम में भी नगर और आसपास के गांवों में जबर्दस्त जल संकट है। पिथौरागढ़ नगर और आसपास के गांवों के लिए कांग्रेस शासनकाल में वर्ष 2014 से 79 करोड़ लागत की 12 एमएलडी की पेयजल योजना बन रही है। मार्च 2018 से योजना से पानी मिलने की बात कही जा रही है। इसी आस में शहर और आसपास के गांवों के लोग हैं।
वर्तमान में रोज 11.5 एमएलडी पानी की जरूरत नगर के लोगों को है, इसके विपरीत केवल 5 एमएलडी पानी विभिन्न स्रोतों से मिल पा रहा है। पानी की कमी को लेकर हर साल गर्मियों में ही नहीं जाड़ों में भी यहां जनता सड़क पर उतरती रही है। वर्तमान में भी नगर में भीषण जल संकट है। कभी किसी इलाके को पानी नहीं मिल रहा है तो कभी किसी इलाके के लोग जल संकट का सामना कर रहे हैं।
वर्ष 2014 में आंवलाघाट पेयजल योजना को मंजूरी मिली। योजना को वर्ष 2017 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समय पर योजना पूरी नहीं हुई। अब कार्यदायी संस्था पेयजल निगम के साथ ही प्रदेश के वित्त, पेयजल मंत्री एवं स्थानीय विधायक प्रकाश पंत भी मार्च से हर हाल में आंवलाघाट पेयजल योजना का पानी नगर और आसपास के गांवों के लोगों को पिलाने का दावा कर रहे हैं।
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पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता रंजीत धर्मशक्तू कहते हैं कि योजना का काम पूरा हो गया है। वर्तमान में पानी की टेस्टिंग हो रही है। सोमवार को मोस्टामानू के पास ढुंगा तक पानी की सफल टेस्टिंग हुई है। ढुंगा तक योजना का पानी पहुंचने लगा है। नगर में जल संस्थान के टैंकों तक योजना की लाइन जोड़ दी गई है। बिजली के कुछ काम बचे हैं। अस्थायी रूप से बिजली विभाग ने पेयजल निगम को कनेक्शन भी दे दिया है। मार्च से लोगों को योजना से पानी मिलने लगेगा।
आंवलाघाट योजना के अधिकांश कार्य पूरे हो गए हैं। मार्च 2018 से हर हाल में योजना से नगर और आसपास के गांवों को पानी मिलने लगेगा। अगले एक दशक तक नगर क्षेत्र में पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। -प्रकाश पंत पेयजल मंत्री उत्तराखंड
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वर्तमान में रोज 11.5 एमएलडी पानी की जरूरत नगर के लोगों को है, इसके विपरीत केवल 5 एमएलडी पानी विभिन्न स्रोतों से मिल पा रहा है। पानी की कमी को लेकर हर साल गर्मियों में ही नहीं जाड़ों में भी यहां जनता सड़क पर उतरती रही है। वर्तमान में भी नगर में भीषण जल संकट है। कभी किसी इलाके को पानी नहीं मिल रहा है तो कभी किसी इलाके के लोग जल संकट का सामना कर रहे हैं।
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वर्ष 2014 में आंवलाघाट पेयजल योजना को मंजूरी मिली। योजना को वर्ष 2017 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समय पर योजना पूरी नहीं हुई। अब कार्यदायी संस्था पेयजल निगम के साथ ही प्रदेश के वित्त, पेयजल मंत्री एवं स्थानीय विधायक प्रकाश पंत भी मार्च से हर हाल में आंवलाघाट पेयजल योजना का पानी नगर और आसपास के गांवों के लोगों को पिलाने का दावा कर रहे हैं।
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पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता रंजीत धर्मशक्तू कहते हैं कि योजना का काम पूरा हो गया है। वर्तमान में पानी की टेस्टिंग हो रही है। सोमवार को मोस्टामानू के पास ढुंगा तक पानी की सफल टेस्टिंग हुई है। ढुंगा तक योजना का पानी पहुंचने लगा है। नगर में जल संस्थान के टैंकों तक योजना की लाइन जोड़ दी गई है। बिजली के कुछ काम बचे हैं। अस्थायी रूप से बिजली विभाग ने पेयजल निगम को कनेक्शन भी दे दिया है। मार्च से लोगों को योजना से पानी मिलने लगेगा।
आंवलाघाट योजना के अधिकांश कार्य पूरे हो गए हैं। मार्च 2018 से हर हाल में योजना से नगर और आसपास के गांवों को पानी मिलने लगेगा। अगले एक दशक तक नगर क्षेत्र में पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। -प्रकाश पंत पेयजल मंत्री उत्तराखंड