{"_id":"5acbb06e4f1c1b526b8b4a41","slug":"121523298414-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महरी धर्मशाला में आंदोलन स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महरी धर्मशाला में आंदोलन स्थगित
Updated Mon, 09 Apr 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। हलियाडोब-दशौली-लछीमा-ओखरानी-नाचनी मोटर मार्ग संघर्ष समिति के बैनर तले निर्माणाधीन सड़क के रुके कार्य को शुरू करवाने और शेष भाग की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन क्षेत्रीय विधायक मीना गंगोला की पहल पर स्थगित हो गया है। विधायक ने तीन दिन के भीतर सड़क का कार्य शुरू करवाने की घोषणा की है। उन्होंने सात दिनों से आमरण अनशन में बैठे भैरवदत्त पाठक को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। ग्रामीण पिछले 57 दिनों से महरी धर्मशाला में आंदोलनरत थे।
आंदोलन स्थल पर आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक मीना गंगोला ने कहा कि तीन दिन के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। स्वीकृत सड़क के शेष भाग की वित्तीय स्वीकृति के लिए विधायक के नेतृत्व में शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। विधायक ने महिला मंगल दल, दशौली को दो लाख रुपये और लक्ष्मी नारायण मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की। विधायक के लिखित आश्वासन से संतुष्ट होकर संघर्ष समिति ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। संघर्ष समिति के संयोजक देवीदत्त पाठक, गोकुल गंगोला, डा. चंद्रशेखर पाठक, बसंत बल्लभ पाठक, तहसीलदार रघुवीर सिंह, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एमसी पलड़िया आदि मौजूद थे।
आंदोलन स्थल पर आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक मीना गंगोला ने कहा कि तीन दिन के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। स्वीकृत सड़क के शेष भाग की वित्तीय स्वीकृति के लिए विधायक के नेतृत्व में शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। विधायक ने महिला मंगल दल, दशौली को दो लाख रुपये और लक्ष्मी नारायण मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की। विधायक के लिखित आश्वासन से संतुष्ट होकर संघर्ष समिति ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। संघर्ष समिति के संयोजक देवीदत्त पाठक, गोकुल गंगोला, डा. चंद्रशेखर पाठक, बसंत बल्लभ पाठक, तहसीलदार रघुवीर सिंह, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एमसी पलड़िया आदि मौजूद थे।
विज्ञापन