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डूब क्षेत्र की जमीन का एक सर्किल मूल्य तय हो
Updated Wed, 27 Dec 2017 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़। पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाली जमीन का मुआवजा छह गुना या इससे अधिक देने की मांग तो लगातार उठ रही है, लेकिन जमीन के सर्किल मूल्य कहीं पर भी एक नहीं है। सड़क से दूर के गांवों में जमीन का मूल्य पांच से छह हजार रुपये नाली से अधिक नहीं है, जबकि डूब क्षेत्र के कस्बों में जमीन दो लाख रुपये नाली से भी ऊपर है। ऐसे में जमीन का मुआवजा प्राप्त करते समय भारी विसंगति सामने आ जाएगी।
महाकाली की आवाज संगठन का कहना है कि पहले संपूर्ण डूब क्षेत्र की जमीन का एक सर्किल मूल्य तय किया जाए। इससे किसी भी किसान को नुकसान नहीं होगा और विसंगति भी सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधि लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जमीन का मुआवजा छह गुना अधिक देने का प्रयास होगा, लेकिन जब तक सर्किल मूल्य समान नहीं किए जाते तब तक इस तरह की घोषणा का कोई औचित्य नहीं है।
महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने कहा कि डूब क्षेत्र में जहां पर छह हजार रुपये नाली जमीन है, वहां यदि छह गुना अधिक मुआवजा मिलता है तो प्रभावित व्यक्ति को एक नाली के सिर्फ 36 हजार रुपये मिलेंगे। दूसरी तरफ डूब क्षेत्र के कस्बों में जहां पर दो लाख रुपये नाली जमीन की कीमत है, वहां पर छह गुना की दर से एक नाली का मुआवजा 12 लाख रुपये मिल जाएगा।
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महाकाली की आवाज संगठन का कहना है कि पहले संपूर्ण डूब क्षेत्र की जमीन का एक सर्किल मूल्य तय किया जाए। इससे किसी भी किसान को नुकसान नहीं होगा और विसंगति भी सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधि लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जमीन का मुआवजा छह गुना अधिक देने का प्रयास होगा, लेकिन जब तक सर्किल मूल्य समान नहीं किए जाते तब तक इस तरह की घोषणा का कोई औचित्य नहीं है।
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महाकाली की आवाज संगठन के संयोजक शंकर खड़ायत ने कहा कि डूब क्षेत्र में जहां पर छह हजार रुपये नाली जमीन है, वहां यदि छह गुना अधिक मुआवजा मिलता है तो प्रभावित व्यक्ति को एक नाली के सिर्फ 36 हजार रुपये मिलेंगे। दूसरी तरफ डूब क्षेत्र के कस्बों में जहां पर दो लाख रुपये नाली जमीन की कीमत है, वहां पर छह गुना की दर से एक नाली का मुआवजा 12 लाख रुपये मिल जाएगा।
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