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घटिया स्तर का डामरीकरण रोकने की धमकी
Updated Mon, 12 Jun 2017 10:35 PM IST
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घटिया स्तर का डामरीकरण रोकने की धमकी
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। बर्नियागांव से धामीकूड़ा तक सड़क पर इन दिनों किए जा रहे डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र के लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता में सुधार नहीं लाया गया तो काम रोक दिया जाएगा। जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी का दावा है कि डामरीकरण मानक के हिसाब से हो रहा है।
छात्रसंघ के पूर्व महासचिव कैलाश कोरंगा ने बताया कि सड़क पर डामर की मोटाई तीन सेंटीमीटर से कम रखी गई है। नालियों का निर्माण किए बिना डामर बिछाया जा रहा है। तेज बारिश के समय सारा पानी सड़क पर फैलेगा और डामर को बहा ले जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुनस्यारी तहसील में इस समय एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के पद रिक्त हैं। प्रशासनिक स्तर पर चेकिंग न होने से निर्माण एजेंसियों और विभागों की मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि घटिया स्तर का डामरीकरण रोकने के लिए घटधार, कवाधार, सेला, धामीकूड़ा, बर्नियागांव के लोग आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। बर्नियागांव से धामीकूड़ा तक सड़क पर इन दिनों किए जा रहे डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र के लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता में सुधार नहीं लाया गया तो काम रोक दिया जाएगा। जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी का दावा है कि डामरीकरण मानक के हिसाब से हो रहा है।
छात्रसंघ के पूर्व महासचिव कैलाश कोरंगा ने बताया कि सड़क पर डामर की मोटाई तीन सेंटीमीटर से कम रखी गई है। नालियों का निर्माण किए बिना डामर बिछाया जा रहा है। तेज बारिश के समय सारा पानी सड़क पर फैलेगा और डामर को बहा ले जाएगा।
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उन्होंने कहा कि मुनस्यारी तहसील में इस समय एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के पद रिक्त हैं। प्रशासनिक स्तर पर चेकिंग न होने से निर्माण एजेंसियों और विभागों की मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि घटिया स्तर का डामरीकरण रोकने के लिए घटधार, कवाधार, सेला, धामीकूड़ा, बर्नियागांव के लोग आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
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