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ओगला कस्बे में सार्वजनिक शौचालय तक नहीं
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:35 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जिले के सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाले ओगला कस्बे में सार्वजनिक शौचालय तक की सुविधा नहीं है। इससे यात्रियों को काफी दिक्कत होती है।
धारचूला, मुनस्यारी, मदकोट, बरम, जौलजीबी, अस्कोट, डीडीहाट, सिंगाली भागीचौरा आदि क्षेत्रों को जाने वाले लोग ओगला से ही आगे बढ़ते हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों सवारी वाहन, ट्रक चालक आदि चाय, नाश्ता, भोजन आदि के लिए रुकते हैं। सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से उन्हें खासी परेशानी होती है। खासकर महिलाओं और बच्चों को तो काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। पूर्व में यूपी शासनकाल में ओगला में चार-पांच लाख की लागत ने एक सार्वजनिक शौचालय बनाया गया था। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिलती थी।
वर्तमान में यह शौचालय जर्जर हो गया है। होटल स्वामियों ने हालांकि शौचालय बनाए हैं, बावजूद इसके सार्वजनिक शौचालय की यहां नितांत आवश्यकता महसूस की जा रही है। अभिलाषा एकेडमी के किशोर पंत का कहना है कि ओगला में प्रतिदिन एक हजार से अधिक यात्री रुकते हैं। शौचालय नहीं होने से महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कत होती है।
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व्यापारी अजय अवस्थी और नारायणनगर महाविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुंदर सिंह जिमवाल का कहना है कि कई बार सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग उठाई, लेकिन अब तक सकारात्मक पहल नहीं हो पाई। क्षेत्र के लोगों ने ओगला में सार्वजनिक शौचालय बनाने की पुरजोर मांग उठाई है।
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धारचूला, मुनस्यारी, मदकोट, बरम, जौलजीबी, अस्कोट, डीडीहाट, सिंगाली भागीचौरा आदि क्षेत्रों को जाने वाले लोग ओगला से ही आगे बढ़ते हैं। यहां प्रतिदिन सैकड़ों सवारी वाहन, ट्रक चालक आदि चाय, नाश्ता, भोजन आदि के लिए रुकते हैं। सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से उन्हें खासी परेशानी होती है। खासकर महिलाओं और बच्चों को तो काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। पूर्व में यूपी शासनकाल में ओगला में चार-पांच लाख की लागत ने एक सार्वजनिक शौचालय बनाया गया था। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिलती थी।
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वर्तमान में यह शौचालय जर्जर हो गया है। होटल स्वामियों ने हालांकि शौचालय बनाए हैं, बावजूद इसके सार्वजनिक शौचालय की यहां नितांत आवश्यकता महसूस की जा रही है। अभिलाषा एकेडमी के किशोर पंत का कहना है कि ओगला में प्रतिदिन एक हजार से अधिक यात्री रुकते हैं। शौचालय नहीं होने से महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कत होती है।
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व्यापारी अजय अवस्थी और नारायणनगर महाविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सुंदर सिंह जिमवाल का कहना है कि कई बार सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग उठाई, लेकिन अब तक सकारात्मक पहल नहीं हो पाई। क्षेत्र के लोगों ने ओगला में सार्वजनिक शौचालय बनाने की पुरजोर मांग उठाई है।