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राष्ट्रीय लोक अदालत में 50 मामलों का निस्तारण
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:46 PM IST
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पिथौरागढ़। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जिले की विभिन्न न्यायालयों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 50 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। लोक अदालत के लिए गठित बैंच संख्या एक के पीठासीन अधिकारी जिला जज राजेंद्र जोशी और सदस्य एडवोकेट सुभाष चंद्र सिंह ने एनआई एक्ट के चार मामलों का निस्तारण कर 885000 रुपये का समायोजन किया और मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद के आठ मामलों को निस्तारित कर 3570878 रुपये का समायोजन किया।
बैंच संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी अकरम अली और सदस्य प्रदीप पाठक ने चार शमनीय मामलों, आठ एनआई एक्ट, एक बैंक रिकवरी, 16 वैवाहिक विवादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया और 1393910 रुपये का समायोजन किया। उन्होंने एक बैंक लोन संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले का निस्तारण किया और 50 हजार रुपये का समायोजन किया।
डीडीहाट सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में लगी लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी रविरंजन और सदस्य कुंदन सिंह बिष्ट ने पांच मामलों का निस्तारण किया। उन्होंने एनआई एक्ट के एक मामले में 9000 रुपये का और दो बैंक लोन संबंधी प्री-लिटिगेशन मामलों में 34100 रुपये का समायोजन किया। लोक अदालत के आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, वकीलों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों ने सहयोग दिया।
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बैंच संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी अकरम अली और सदस्य प्रदीप पाठक ने चार शमनीय मामलों, आठ एनआई एक्ट, एक बैंक रिकवरी, 16 वैवाहिक विवादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया और 1393910 रुपये का समायोजन किया। उन्होंने एक बैंक लोन संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले का निस्तारण किया और 50 हजार रुपये का समायोजन किया।
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डीडीहाट सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में लगी लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी रविरंजन और सदस्य कुंदन सिंह बिष्ट ने पांच मामलों का निस्तारण किया। उन्होंने एनआई एक्ट के एक मामले में 9000 रुपये का और दो बैंक लोन संबंधी प्री-लिटिगेशन मामलों में 34100 रुपये का समायोजन किया। लोक अदालत के आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, वकीलों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों ने सहयोग दिया।
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