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पपदेव चारागाह विकास को मिले 20 लाख
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:12 PM IST
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पिथौरागढ़। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारागाह विकास परियोजना के तहत पिथौरागढ़ के पपदेव में चारागाह विकास के लिए 20 लाख का बजट जारी हुआ है। इसके तहत 20 हेक्टेयर चारागाह भूमि को विकसित कर अच्छी पैदावार में सहायक प्रजातियों की घास और पेड़ लगाए जाएंगे। चारागाह विकास के बाद ज्यादा दुग्ध उत्पादन होगा और पशुपालकों की आय बढ़ेगी।
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष जुलाई में राज्य के पांच जिलों में चारागाह विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इसके तहत जिले में एकमात्र पपदेव चारागाह विकास की योजना शामिल थी। योजना के तहत ग्राम सभा की 20 हेक्टेयर गौचर भूमि का चारागाह के रूप में विकास किया जाना है। योजना के पहले चरण में गौचर की फेंसिंग की जाएगी। इससे बाद गौचर में चारा प्रजाति की उन्न्नत नैपियर, दौलनी, गुच्छी, राई प्रजाति की घास लगाई जाएगी।
इसके साथ ही चारा प्रजाति के पौधों का रोपण भी किया जाएगा। उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी मनोज जोशी ने बताया कि मनरेगा के तहत चारागाह विकास किया जाएगा। जल्द ही संबंधित अधिकारी ग्रामीणों के साथ बैठक करेंगे। इससे बाद चारागाह विकास योजना पर काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नेशनल लाइन स्टाक मिशन की गाइड लाइन के मुताबिक ग्रामीणों की समिति कार्यों की निगरानी करेगी।
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गौचर भूमि पर अतिक्रमण की भी होगी रोकथाम
पपदेव में चारागाह विकास से गौचर भूमि पर अतिक्रमण की भी रोकथाम होगी। पपदेव गौचर में अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ 25 साल से आवाज उठा रहे प्रगतिशील किसान प्रकाश वर्मा ने योजना की वित्तीय स्वीकृति पर खुशी जताई है। कहा कि इससे पशुपालकों को चारे की कमी नहीं रहेगी। उनकी आय बढ़ेगी। वहीं, गौचर की भूमि पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण की भी रोकथाम होगी।
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केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष जुलाई में राज्य के पांच जिलों में चारागाह विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इसके तहत जिले में एकमात्र पपदेव चारागाह विकास की योजना शामिल थी। योजना के तहत ग्राम सभा की 20 हेक्टेयर गौचर भूमि का चारागाह के रूप में विकास किया जाना है। योजना के पहले चरण में गौचर की फेंसिंग की जाएगी। इससे बाद गौचर में चारा प्रजाति की उन्न्नत नैपियर, दौलनी, गुच्छी, राई प्रजाति की घास लगाई जाएगी।
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इसके साथ ही चारा प्रजाति के पौधों का रोपण भी किया जाएगा। उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी मनोज जोशी ने बताया कि मनरेगा के तहत चारागाह विकास किया जाएगा। जल्द ही संबंधित अधिकारी ग्रामीणों के साथ बैठक करेंगे। इससे बाद चारागाह विकास योजना पर काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नेशनल लाइन स्टाक मिशन की गाइड लाइन के मुताबिक ग्रामीणों की समिति कार्यों की निगरानी करेगी।
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गौचर भूमि पर अतिक्रमण की भी होगी रोकथाम
पपदेव में चारागाह विकास से गौचर भूमि पर अतिक्रमण की भी रोकथाम होगी। पपदेव गौचर में अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ 25 साल से आवाज उठा रहे प्रगतिशील किसान प्रकाश वर्मा ने योजना की वित्तीय स्वीकृति पर खुशी जताई है। कहा कि इससे पशुपालकों को चारे की कमी नहीं रहेगी। उनकी आय बढ़ेगी। वहीं, गौचर की भूमि पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण की भी रोकथाम होगी।