{"_id":"5a60d7384f1c1b77268b5113","slug":"111516295992-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह किमी खोदने के बाद सड़क का काम छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह किमी खोदने के बाद सड़क का काम छोड़ा
Updated Thu, 18 Jan 2018 10:54 PM IST
विज्ञापन
थल (पिथौरागढ़)। हलियाडोब से दशौली, लछीमा होते हुए नाचनी तक प्रस्तावित 20 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य चार साल से ठप है। विभाग ने छह किलोमीटर सड़क खोदने के बाद काम छोड़ दिया। क्षेत्र के लोग इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने तक रख चुके हैं, लेकिन सड़क निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
अब सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र के लोगों ने 16 फरवरी से आमरण अनशन का ऐलान किया है। इसके लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया है। संघर्ष समिति के संयोजक देवीदत्त पाठक और अध्यक्ष भैरव दत्त पाठक ने बताया कि अधिकारी और शासन के लोग बिना आंदोलन के सुनते नहीं हैं।
सड़क सुविधा से वंचित दशौली, लछीमा क्षेत्र के लिए पिछली सरकार ने 20 किलोमीटर लंबी सड़क की मंजूरी दी थी, लेकिन विभाग ने हलियाडोब से छह किलोमीटर आगे तक सड़क खोदने के बाद काम रोक दिया। 13 जनवरी को गंगोलीहाट दौरे पर आए मुख्यमंत्री के सामने भी सड़क निर्माण का मुद्दा रखा जा चुका है। इससे पहले भी कई मंत्रियों और अधिकारियों के सामने सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग रखी गई।
विज्ञापन
यदि यह सड़क बन जाती तो दशौली, लछीना, ओखरानी, डाणी, सिरतोली, चलियाथल, च्यूराखेत, मोदोली, बेड़गाड़ा, अनरीगाड़, ऊनी, मलानी, चिलकिया समेत आसपास के कई गांवों को यातायात की सुविधा मिल जाती। संघर्ष समिति ने तय किया है कि यदि 15 फरवरी तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो 16 फरवरी से आमरण अनशन किया जाएगा।
विज्ञापन
अब सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र के लोगों ने 16 फरवरी से आमरण अनशन का ऐलान किया है। इसके लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया है। संघर्ष समिति के संयोजक देवीदत्त पाठक और अध्यक्ष भैरव दत्त पाठक ने बताया कि अधिकारी और शासन के लोग बिना आंदोलन के सुनते नहीं हैं।
विज्ञापन
सड़क सुविधा से वंचित दशौली, लछीमा क्षेत्र के लिए पिछली सरकार ने 20 किलोमीटर लंबी सड़क की मंजूरी दी थी, लेकिन विभाग ने हलियाडोब से छह किलोमीटर आगे तक सड़क खोदने के बाद काम रोक दिया। 13 जनवरी को गंगोलीहाट दौरे पर आए मुख्यमंत्री के सामने भी सड़क निर्माण का मुद्दा रखा जा चुका है। इससे पहले भी कई मंत्रियों और अधिकारियों के सामने सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग रखी गई।
विज्ञापन
यदि यह सड़क बन जाती तो दशौली, लछीना, ओखरानी, डाणी, सिरतोली, चलियाथल, च्यूराखेत, मोदोली, बेड़गाड़ा, अनरीगाड़, ऊनी, मलानी, चिलकिया समेत आसपास के कई गांवों को यातायात की सुविधा मिल जाती। संघर्ष समिति ने तय किया है कि यदि 15 फरवरी तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो 16 फरवरी से आमरण अनशन किया जाएगा।