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अचानक रोने-चिल्लाने लगी बालिकाएं
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:49 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। राजकीय इंटर कॉलेज में छात्राओं के अचानक रोने-चिल्लाने से अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इसके बाद छात्राओं पर देवडांगर की भभूती कारगर रही।
शनिवार पूर्वान्ह करीब 11 बजे कक्षा 10 में पढ़ने वाली छात्राएं रोने, चिल्लाने लगीं और बेहोश हो गईं। एक के बाद एक कर दस छात्राओं के रोने, चिल्लाने से विद्यालय में अफरातफरी मच गई। विद्यालय स्टाफ मौके पर पहुंच गया। साथी छात्राएं पांच छात्राओं को स्थानीय मेडिकल स्टोर में ले गईं। केमिस्ट ने इस तरह की समस्या के लिए कोई दवा न होने की बात कही। इन पांच छात्राओं को देव डांगर चंद्र राम के पास ले जाया गया।
देवडांगर के भभूती लगाते ही बालिकाओं का रोना, चिल्लाना बंद हो गया। पांच अन्य छात्राओं को सहेलियों ने उनके घर पहुंचा दिया था, उन्होंने भी देवडांगरों का ही सहारा लिया। देव डांगर चंद्र राम का कहना है कि देव बाधा के कारण ऐसा हुआ है। किसी चीज को देखकर बालिकाएं डर गई होंगी। बता दे कि चार-पांच साल पहले पिथौरागढ़ जिले के कई विद्यालयों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हर मामले में देव डांगर ही सहायक सिद्ध हुए।
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अचानक एक साथ कई लोगों का रोना और बेहोश हो जाना मास हिस्टीरिया के लक्षण हैं। इसमें घबराना नहीं चाहिए। मास हिस्टीरिया के शिकार व्यक्ति को भी समझाने का प्रयास करना चाहिए। चिंता की कोई बात नहीं है। कई बार जानकारी मिलने के बाद पहुंचे लोग मास हिस्टीरिया के शिकार व्यक्ति को पकड़ कर रोने लगते हैं या घेर लेते हैं। इन सबसे बचना चाहिए। नजदीकी डॉक्टर को दिखाकर सलाह लेनी चाहिए। - डॉ. एसआर सक्सेना, प्रोफेसर मेडिकल कालेज, हल्द्वानी
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शनिवार पूर्वान्ह करीब 11 बजे कक्षा 10 में पढ़ने वाली छात्राएं रोने, चिल्लाने लगीं और बेहोश हो गईं। एक के बाद एक कर दस छात्राओं के रोने, चिल्लाने से विद्यालय में अफरातफरी मच गई। विद्यालय स्टाफ मौके पर पहुंच गया। साथी छात्राएं पांच छात्राओं को स्थानीय मेडिकल स्टोर में ले गईं। केमिस्ट ने इस तरह की समस्या के लिए कोई दवा न होने की बात कही। इन पांच छात्राओं को देव डांगर चंद्र राम के पास ले जाया गया।
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देवडांगर के भभूती लगाते ही बालिकाओं का रोना, चिल्लाना बंद हो गया। पांच अन्य छात्राओं को सहेलियों ने उनके घर पहुंचा दिया था, उन्होंने भी देवडांगरों का ही सहारा लिया। देव डांगर चंद्र राम का कहना है कि देव बाधा के कारण ऐसा हुआ है। किसी चीज को देखकर बालिकाएं डर गई होंगी। बता दे कि चार-पांच साल पहले पिथौरागढ़ जिले के कई विद्यालयों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हर मामले में देव डांगर ही सहायक सिद्ध हुए।
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अचानक एक साथ कई लोगों का रोना और बेहोश हो जाना मास हिस्टीरिया के लक्षण हैं। इसमें घबराना नहीं चाहिए। मास हिस्टीरिया के शिकार व्यक्ति को भी समझाने का प्रयास करना चाहिए। चिंता की कोई बात नहीं है। कई बार जानकारी मिलने के बाद पहुंचे लोग मास हिस्टीरिया के शिकार व्यक्ति को पकड़ कर रोने लगते हैं या घेर लेते हैं। इन सबसे बचना चाहिए। नजदीकी डॉक्टर को दिखाकर सलाह लेनी चाहिए। - डॉ. एसआर सक्सेना, प्रोफेसर मेडिकल कालेज, हल्द्वानी