{"_id":"59f0c8104f1c1b6e548b8f02","slug":"101508952080-pithoragarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरदोत्सव में निकलेगी लोक संस्कृति पर आधारित झांकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरदोत्सव में निकलेगी लोक संस्कृति पर आधारित झांकी
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। शहर में 6 से 12 नवंबर तक होने वाले शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी 2017 के उद्घाटन के मौके पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित भव्य झांकी निकाली जाएगी। झांकी में प्रत्येक विद्यालय के कम से कम 30 विद्यार्थी शामिल रहेंगे।
पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि झांकी रामलीला मैदान से सिमलगैर, सुभाषचौक, गांधीचौक, सिल्थाम होते हुए आयोजन स्थल देव सिंह मैदान पहुंचेगी। बैठक में मौजूद प्रधानाचार्यों ने सुझाव दिया कि स्कूलों बसों को देव सिंह मैदान में मेले के लिए बनाई गई पार्किंग में खड़ा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को लाने ले जाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मेलास्थल को आधुनिक सीसीटीवी से लैस किया जाए।
ग्रीन रूम का आकार बढ़ाने और 70 से 80 कुर्सियां ग्रीन रूम में लगाने का सुझाव रखा गया। ग्रीन रूम में आने-जाने के लिए स्टेज के पीछे से रास्ता बनाने का प्रस्ताव रखा गया। कहा गया कि शरदोत्सव देव सिंह मैदान में ही होना चाहिए।
विज्ञापन
मेले की तैयारियों को लेकर स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ 4 नवंबर को एक और बैठक होगी। मेला कमेटी ने विद्यालयों से शरदोत्सव में प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों की सूची 30 अक्तूबर तक नगरपालिका के मेला कार्यालय में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
बैठक में केएनयू राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य प्रकाश पंत, ममता मेहता, लीला जोशी, हरीश चंद्र जोशी, ललित मोहन जोशी, एचएस खाती, प्रदीप कुमार अवस्थी, मीनू भट्ट समेत 30 विद्यालयों के प्रधानाचार्य और स्कूलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
शरदोत्सव के विरोध से लोक गायक व्यथित
देव सिंह मैदान में शरदोत्सव कराने के विरोध पर अब उभरते हुए लोक गायक गोविंद दिगारी और खुशी दिगारी भी मुखर हो गए हैं। दोनों लोक गायकों ने जिलाधिकारी सी रविशंकर को दिए ज्ञापन में कहा है कि देव सिंह मैदान में शरदोत्सव कराने का विरोध होने से वह लोग काफी व्यथित हैं। कहा कि देव सिंह मैदान में दशकों से शरदोत्सव होते आया है। शरदोत्सव के इसी मंच से उन लोगों ने सांस्कृतिक जीवन की शुरुआत की। इसी की बदौलत भारत में नहीं विदेशों तक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने में सफल रहे हैं। अपनी आजीविका चला रहे हैं। शरदोत्सव से प्रतिभाशाली कलाकारों, विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। दोनों गायकों ने देव सिंह मैदान में ही शरदोत्सव कराने की मांग जिलाधिकारी से की है। बता दें कि गोविंद दिगारी और उनकी पत्नी खुशी दिगारी उत्तराखंड के जाने-माने गायक हैं। उनकी देश ही नहीं विदेश में भी प्रवासी उत्तराखंडियों के बीच खासी मांग रहती है। इसी दिसंबर महीने में गोविंद और खुशी का दुबई, ओमान, बहरीन, दोहा और कुवैत में शो हैं।
विज्ञापन
पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि झांकी रामलीला मैदान से सिमलगैर, सुभाषचौक, गांधीचौक, सिल्थाम होते हुए आयोजन स्थल देव सिंह मैदान पहुंचेगी। बैठक में मौजूद प्रधानाचार्यों ने सुझाव दिया कि स्कूलों बसों को देव सिंह मैदान में मेले के लिए बनाई गई पार्किंग में खड़ा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को लाने ले जाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मेलास्थल को आधुनिक सीसीटीवी से लैस किया जाए।
विज्ञापन
ग्रीन रूम का आकार बढ़ाने और 70 से 80 कुर्सियां ग्रीन रूम में लगाने का सुझाव रखा गया। ग्रीन रूम में आने-जाने के लिए स्टेज के पीछे से रास्ता बनाने का प्रस्ताव रखा गया। कहा गया कि शरदोत्सव देव सिंह मैदान में ही होना चाहिए।
विज्ञापन
मेले की तैयारियों को लेकर स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ 4 नवंबर को एक और बैठक होगी। मेला कमेटी ने विद्यालयों से शरदोत्सव में प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों की सूची 30 अक्तूबर तक नगरपालिका के मेला कार्यालय में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
बैठक में केएनयू राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य प्रकाश पंत, ममता मेहता, लीला जोशी, हरीश चंद्र जोशी, ललित मोहन जोशी, एचएस खाती, प्रदीप कुमार अवस्थी, मीनू भट्ट समेत 30 विद्यालयों के प्रधानाचार्य और स्कूलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
शरदोत्सव के विरोध से लोक गायक व्यथित
देव सिंह मैदान में शरदोत्सव कराने के विरोध पर अब उभरते हुए लोक गायक गोविंद दिगारी और खुशी दिगारी भी मुखर हो गए हैं। दोनों लोक गायकों ने जिलाधिकारी सी रविशंकर को दिए ज्ञापन में कहा है कि देव सिंह मैदान में शरदोत्सव कराने का विरोध होने से वह लोग काफी व्यथित हैं। कहा कि देव सिंह मैदान में दशकों से शरदोत्सव होते आया है। शरदोत्सव के इसी मंच से उन लोगों ने सांस्कृतिक जीवन की शुरुआत की। इसी की बदौलत भारत में नहीं विदेशों तक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने में सफल रहे हैं। अपनी आजीविका चला रहे हैं। शरदोत्सव से प्रतिभाशाली कलाकारों, विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। दोनों गायकों ने देव सिंह मैदान में ही शरदोत्सव कराने की मांग जिलाधिकारी से की है। बता दें कि गोविंद दिगारी और उनकी पत्नी खुशी दिगारी उत्तराखंड के जाने-माने गायक हैं। उनकी देश ही नहीं विदेश में भी प्रवासी उत्तराखंडियों के बीच खासी मांग रहती है। इसी दिसंबर महीने में गोविंद और खुशी का दुबई, ओमान, बहरीन, दोहा और कुवैत में शो हैं।