घायल एंबुलेंस में, ड्राइवर का पता नहीं
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पौड़ी में बुधवार को हुए भूकंप के मॉक ड्रिल के दौरान ही आपदा प्रबंधन की तैयारियां जवाब दे गई। ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से बाहर हो गई। डीएम आफिस के सामने ही लंबा जाम लग गया। इसी बीच डीएम आफिस के बाहर मॉक ड्रिल के दौरान एक घायल को जब जवान एंबुलेंस में लेकर आए तो एंबुलेंस ड्राइवर गायब मिला। 15 मिनट इंतजार के बाद भी जब ड्राइवर का पता नहीं चला तो एंबुलेंस में बिठाया गया घायल स्वयं ही एंबुलेंस लेकर चला गया। मॉक ड्रिल के लिए जिला प्रशासन की ओर से कई स्कूलों से भी बच्चे तो बुला लिए गए लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया कि उन्हें क्या करना है।
कुछ देर तक इंतजारी के बाद वह अपने-अपने घरों को चले गए। वायरलेस सिस्टम से कई अधिकारियों के साथ संपर्क नहीं हो पाया। सूचना देने के आधे घंटे बाद कुछ अधिकारी हरकत में आए। इस संबंध में जब जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट से बात की गई तो उनका कहना था कि पौड़ी में यह पहला मॉक ड्रिल था। खामियां जरूर नजर आई हैं, इन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
दरअसल पौड़ी में बुधवार को मैसमोर इंटर कालेज पौड़ी, बुआखाल, ईटीसी, खांड्यूसैण और न्यू कलेक्ट्रेट में मॉक ड्रिल किया गया। सुबह 9 बजकर 32 मिनट पर आए 7.3 तीव्रता के भूकंप में जानमाल के भारी नुकसान की सूचना जिला कंट्रोल रूम को मिलने पर तत्काल इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरसी) तैयार किया गया। आईआरसी से संबंधित सभी इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पहुंची। कंडोलिया मैदान को स्टेजिंग एरिया के रूप में स्थापित किया गया।
स्टेजिंग एरिया से इंसीडेंट कमांडर के नेतृत्व में सर्च रेस्क्यू टीम, मेडिकल टीमें बचाव कार्यों में जुट गई। ड्रिल में डीएम चंद्रशेखर भट्ट, एसएसपी मुख्तार मोहसिन के अलावा सेना, सिविल पुलिस, आर्म्ड पुलिस, एसएसटी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्काउट गाइड और रेडक्रास की टीम ने सहयोग दिया।