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‘अतिथि देवो भव:’ की धारणा पर करें काम
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गढ़वाल केंद्रीय विवि के पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग की ओर से बदरी-केदार मंदिर समिति के अतिथिगृहों एवं कार्यालयों में कार्यरत प्रबंधक एवं कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। पहले दिन कर्मियों को अतिथि देवो भव: की धारणा पर काम करने और बदलते परिवेश में कार्यशैली में बदलाव लाने का सुझाव दिया गया।
बृहस्पतिवार को प्रबंधन एवं कार्यकुशलता विकास पर शुरू हुई कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी ने उत्तराखंड के धार्मिक तथा सांस्कृतिक पर्यटन को तीर्थाटन का महत्वपूर्ण अंग बताया। कहा कि प्रदेश में तीर्थाटन ओर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जो कि विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गढ़वाल विवि की प्रो. इंदु पांडेय खंडूड़ी ने धार्मिक पर्यटन को नए पर्यटन के आयामों से जोड़ते हुए धरातल पर प्रबंधन के महत्व और दार्शनिक रूप से पहचान दिलाने पर विचार रखे। कार्यशाला समन्वयक एवं पर्यटन विभाग के निदेशक प्रो. एसके गुप्ता ने कहा कि मंदिर समिति के अतिथि गृहों और कार्यालयों में तैनात कर्मियों और प्रबंधकों को भी समय के अनुरूप अपनी कार्यकुशलता में बदलाव लाना जरूरी है। पर्यटन विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डा. राकेश डोडी ने प्रबंधन में व्यवहार और शिष्टाचार पर विचार रखे। डा. राहुल बहुगुणा ने कहा कि यह कार्यशाला बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय की पहल पर विवि के पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित की गई है।
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बृहस्पतिवार को प्रबंधन एवं कार्यकुशलता विकास पर शुरू हुई कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी ने उत्तराखंड के धार्मिक तथा सांस्कृतिक पर्यटन को तीर्थाटन का महत्वपूर्ण अंग बताया। कहा कि प्रदेश में तीर्थाटन ओर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जो कि विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गढ़वाल विवि की प्रो. इंदु पांडेय खंडूड़ी ने धार्मिक पर्यटन को नए पर्यटन के आयामों से जोड़ते हुए धरातल पर प्रबंधन के महत्व और दार्शनिक रूप से पहचान दिलाने पर विचार रखे। कार्यशाला समन्वयक एवं पर्यटन विभाग के निदेशक प्रो. एसके गुप्ता ने कहा कि मंदिर समिति के अतिथि गृहों और कार्यालयों में तैनात कर्मियों और प्रबंधकों को भी समय के अनुरूप अपनी कार्यकुशलता में बदलाव लाना जरूरी है। पर्यटन विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डा. राकेश डोडी ने प्रबंधन में व्यवहार और शिष्टाचार पर विचार रखे। डा. राहुल बहुगुणा ने कहा कि यह कार्यशाला बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय की पहल पर विवि के पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित की गई है।
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