उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने एम्स ऋषिकेश में हुई नियुक्तियों के विरोध में कीर्तिनगर तहसील पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने एम्स में नर्सिंग सहित अन्य पदों पर हुई बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों की नियुक्तियों को शीघ्र निरस्त कर एसआईटी जांच करने की मांग उठाई। जिसके बाद एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को मांगों का ज्ञापन भेजा गया।
बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय कीर्तिनगर पहुंचे उक्रांद कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एम्स में हुई नियुक्तियों को प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय बताया। कहा कि एम्स ऋषिकेश में जिस तरह से बाहरी राज्यों के व्यक्तियों की भर्ती कर मानकों का उल्लंघन किया गया है वह चिंता का विषय और प्रदेश के बेरोजगारों की उपेक्षा है। उन्होंने कहा कि मामले में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ एसआईटी जांच होनी जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड में स्थित सभी प्रतिष्ठानों और विभागों में यहां के बेरोजगारों को मूल निवास के आधार पर प्राथमिकता दिए जाने व मूल निवास की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग की। कहा कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के हित में स्थायी निवास के प्रावधान को हटाया जाना जरूरी है, जिससे यहां के संसाधनों पर मूल निवासियों को प्राथमिकता मिल सके। चेतावनी दी कि अगर मामले में आवश्यक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई, तो उक्रांद को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख कीर्तिनगर सोहन सिंह पंवार, पूर्व प्रमुख विजयंत निजवाला, रणजीत सिंह बर्त्वाल, संजय रावत, प्रताप सिंह, धूम सिंह, एडवोकेट चंद्रभानु तिवारी, बलवीर सिंह, वीरेंद्र बंगवाल, अजय रावत, सूरज रावत, प्रकाश नेगी, आशीष, ओमप्रकाश आदि मौजूद थे।