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निर्माण की सुस्ती जनता पर भारी
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धारी-पपड़ासू-मल्यासू-कोटली-जवाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य यदि पूरा हो गया होता तो नरकोटा में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने के बावजूद यातायात प्रभावित नहीं होता। धारी-जवाड़ी मोटर मार्ग वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करता लेकिन 40 किमी लंबे इस मोटर मार्ग का निर्माण कार्य 8 साल से अधर में हैं।
तीन दिन पहले नरकोटा में मलबा आने और पुश्ता ढहने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर से रुद्रप्रयाग के बीच यातायात बाधित हो गया था। इस दौरान छोटे वाहनों की कीर्तिनगर-तेगड़-सौराखाल-तिलवाड़ा और बड़े वाहनों की आवाजाही जाख-घनसाली-चिरबिटिया-मयाली-तिलवाड़ा मोटर मार्गों से कराई गई। इन मोटर मार्गों से आवाजाही करने पर 100 से 130 किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ा जबकि श्रीनगर से रुद्रप्रयाग की दूरी मात्र 33 किलोमीटर है। यदि धारी-पपड़ासू-मल्यासू-कोटली-जवाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका होता तो यह स्थिति नहीं आती। उक्रांद नेता मोहित डिमरी का कहना है कि सरकार को बदरीनाथ हाईवे के विकल्प के रूप में इस सड़क को तेजी से बनाना चाहिए।
रुद्रप्रयाग विधायक पद पर रहते हुए मैंने जवाड़ी-धारी मोटर मार्ग के लिए काफी प्रयास किए। वर्तमान में सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।-मातबर सिंह कंडारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड
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धारी से जवाड़ी तक चार चरणों में सड़क की मंजूरी मिली है। इनमें से दो पर काम चल रहा है। कोटली से बांसी सड़क के लिए बजट नहीं मिला है। जवाड़ी से कोटली तक सड़क निर्माण अंतिम चरणों में है। धारी से मल्यासू के बीच पपड़ासू के ग्रामीणों की एनओसी न मिलने से काम रुका हुआ है।-इंद्रजीत बोस, ईई पीडब्लूडी प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग
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तीन दिन पहले नरकोटा में मलबा आने और पुश्ता ढहने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर से रुद्रप्रयाग के बीच यातायात बाधित हो गया था। इस दौरान छोटे वाहनों की कीर्तिनगर-तेगड़-सौराखाल-तिलवाड़ा और बड़े वाहनों की आवाजाही जाख-घनसाली-चिरबिटिया-मयाली-तिलवाड़ा मोटर मार्गों से कराई गई। इन मोटर मार्गों से आवाजाही करने पर 100 से 130 किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ा जबकि श्रीनगर से रुद्रप्रयाग की दूरी मात्र 33 किलोमीटर है। यदि धारी-पपड़ासू-मल्यासू-कोटली-जवाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका होता तो यह स्थिति नहीं आती। उक्रांद नेता मोहित डिमरी का कहना है कि सरकार को बदरीनाथ हाईवे के विकल्प के रूप में इस सड़क को तेजी से बनाना चाहिए।
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रुद्रप्रयाग विधायक पद पर रहते हुए मैंने जवाड़ी-धारी मोटर मार्ग के लिए काफी प्रयास किए। वर्तमान में सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।-मातबर सिंह कंडारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड
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धारी से जवाड़ी तक चार चरणों में सड़क की मंजूरी मिली है। इनमें से दो पर काम चल रहा है। कोटली से बांसी सड़क के लिए बजट नहीं मिला है। जवाड़ी से कोटली तक सड़क निर्माण अंतिम चरणों में है। धारी से मल्यासू के बीच पपड़ासू के ग्रामीणों की एनओसी न मिलने से काम रुका हुआ है।-इंद्रजीत बोस, ईई पीडब्लूडी प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग