पौड़ी। लाल -लाल लहराएगा, नया जमाना आएगा... नारों के साथ सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) संबद्ध विभिन्न श्रमिक संगठनाें ने कलक्ट्रेट के समक्ष धरना देकर जमकर प्रदर्शन किया। जनपद के सभी 15 विकासखंडों से जिला मुख्यालय पहुंचीं भोजनमाता कामगार यूनियन, आशा, आंगनबाड़ी, जल निगम- जल संस्थान मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने नये चार श्रम संहिता के आदेश को रद्द करने समेत विभिन्न मांगें उठाईं। बृहस्पतिवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों से जुड़ी महिलाएं कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर जमा हुईं। उन्होंने विभिन्न मांगाें के लिए डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने नए श्रम संहिता को तल्काल रद्द करने, भविष्य निधि व बीमा की सुविधा देने, एमडीएम योजना के निजीकरण पर रोक लगाने और न्यूनतम मानदेय 26 हजार करने समेत 10 सूत्रीय मांगें उठाई। यूनियन के संरक्षक टीका प्रसाद पोखरियाल ने कहा कि विभिन्न विभागों में आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मचारियाें को कई साल विभागों में बीत चुके हैं जबकि कई भोजनमाताओं को 15 से 26 साल हो चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से ऐसे श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई। इस मौके पर यूनियन की जिलाध्यक्ष ऐश्वर्य जुयाल, देवेश्वरी देवी, मुन्नी देवी, विधाता देवी, ज्योति देवी, माया देवी, सुधा देवी, दमयंती देवी, कालिंदी देवी आदि मौजूद रहे।