उत्तरकाशी से शुरू हुआ बीज बम अभियान श्रीनगर भी पहुंच गया है। एसएसबी सीटीसी (केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल ) ने भी बीज अभियान में रुचि दिखाई है। वहीं श्री गुरुराम राय पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अभियान से प्रेरणा लेते हुए बीज बम तैयार किए हैं, जिन्हें 31 जुलाई को फेंका जाएगा।
बीज बम अभियान चलाने वाली संस्था के हिमालय पर्यावरण जड़ी-बूटी एग्रो संस्था जाड़ी के सचिव द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने यहां पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि एसएसबी की ओर से बीज बम के संबंध में वार्ता हेतु बुलावा आया है। इसके लिए वह श्रीनगर आए हैं। उन्होंने बताया कि बीज बम मिट्टी, गोबर व पानी को मिलाकर बनाया जाता है। इसमेें दो बीज बनाकर गोल आकार दिया जाता है। तीन-चार दिन तक सूखाने के बाद इसे जंगलों में फेंक दिया जाता है। ताकि अंकुरित बीज से पौधा निकले और जंगल में हरियाली बढ़े। उन्होंने बताया कि इसमें एक भी रुपया खर्च नहीं होता है, क्योंकि सभी चीजें घर में मिल जाती हैं। इसके कई फायदे हैं। बताया कि इससे जंगल में हरियाली बढ़ती है, साथ ही जंगली जानवरों को जंगल में ही भोजन मिल जाता है। उन्हें भोजन की तलाश में आबादी की ओर नहीं आना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बीज बम से पौधे बनने का प्रयोग 70 प्रतिशत सफल रहा है। जाड़ी संस्था की पहल पर देशभर में पहली बार 25 से 31 जुलाई तक बीज बम सप्ताह मनाया जा रहा है। जो देश के 7 राज्यों के 500 स्थानों में मनाया जा रहा है। इस मौके पर एसजीआआर के प्रधानाचार्य एलपी सिलोड़ी, विकास पंत व संजय बिष्ट आदि मौजूद थे।