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श्रीनगर में नशाखोरी के सबसे अधिक मामले दर्ज

Tue, 23 Feb 2021 10:02 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 10:02 PM IST
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Srinagar records the highest number of drug abuse
श्रीनगर में नशा मुक्ति अभियान के तहत रैली निकालते पुलिसकर्मी व स्कूली छात्र- छात्राएं - फोटो : SHRINAGAR
एसएसपी पी. रेणुका देवी ने बताया कि पौड़ी जिले मेें नशाखोरी के सबसे अधिक मामले श्रीनगर मेें पकड़ में आए हैं। जो चिंता का विषय है। एसएसपी ने बताया कि जिले के प्रत्येक स्कूल/कॉलेज में स्वयंसेवी नियुक्त होंगे। इसमें एक शिक्षक व चार छात्र शामिल होंगे। जो नशा करने वालों की सूचना पुलिस को देंगे। नशे की गिरफ्त में आने वालों की पुलिस मनो चिकित्सक व अभिभावकों के साथ मिलकर काउंसिलिंग कराएगी।
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मंगलवार को पौड़ी पुलिस ने नशाखोरी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत शहर क्षेत्र में रैली निकाली। रैली में पुलिस कर्मियों, एनएसएस स्वयंसेवियों, एनसीसी कैडेट्स और स्कूली छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इससे पूर्व वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, स्कूल/कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, टैक्सी चालक और नशे की गिरफ्त में आ चुके युवा वर्ग व उनके परिजनों के साथ नशा निवारण संवाद/काउंसिलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिड़ला परिसर के एसीएल हॉल में पुलिस की ओर से आयोजित नशा निवारण संवाद कार्यक्रम में गढ़वाल विवि के डीएसडब्लू प्रो. पीएस राणा पुलिस के अभियान मेें सहयोग करने की बात कही। नगर पालिका सभासद विभोर बहुगुणा ने पुलिस को मेडिकल कॉलेज की ओर भी ध्यान देने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन अपने संस्थान में नशाखोरी के प्रकरण दबा देता है। छात्र नेता देवकांत देवराड़ी और अतुल सती ने भी नशे की रोक के लिए अपने सुझाव दिए। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने नशामुक्ति की शपथ ली।
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