गढ़वाल विश्वविद्यालय के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग और देवभूमि विचार मंच की पहल पर ‘वैश्विक महामारी कोरोना: महामारी एवं प्राकृतिक विध्वंस’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार के मुख्य अतिथि प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक नंद कुमार नेे वैश्विक महामारी के परिप्रेक्ष्य में बताया कि भारतीय परंपरा, प्रकृति प्रेम, प्रकृति के साथ सानिध्य एवं नैतिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए किस प्रकार मानव समाज को आरोग्य बनाया जा सकता है।
मुख्य वक्ता राजीव गांधी युवा विकास संस्थान के निदेशक प्रो. शिवनाथ देव ने मनोवैज्ञानिक पहलु पर चर्चा करते कहा कि कोरोना संक्रमण काल में बच्चों से लेकर बुजुर्गों के मनो स्थिति पर प्रभाव पड़ रहा है। प्रो. देव ने श्रमिकों और अर्थव्यवस्था के संचालकों के मनोबल को बनाए रखने के बारे में भी बताया। वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया पर असर डाला है। चीन इस महामारी का प्रयोग विश्व में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भारतीय जीवन पद्धति के आधार पर जीवन यापन कर महामारी का सामना किया जा सकता है। इस दौरान बनारस विवि के वायरोलाजी विभाग विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीत कुमार सिंह , वेबिनार संयोजक प्रो. डीपी सकलानी, भगवती प्रसाद, युद्धवीर सिंह, प्रो. डीके नौडियाल, प्रो. जेके तिवारी, प्रो. पीसी रमोला, डा. जसपाल खत्री, डॉ. मोहन नैथानी, डॉ. नागेन्द्र रावत और डॉ. प्रेम बहादुर आदि शामिल हुए। संचालन डॉ. श्वेता वर्मा ने किया। शामिल हुए।